केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जी20 व्यापार मंत्रियों के सम्मेलन में सम्मिलित होने के लिए अमेरिका के मिलवॉकी पहुंच गए हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स (एनएएम) द्वारा संयोजित एक गोलमेज वार्ता में अमेरिकी विनिर्माण और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शीर्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) व वरिष्ठ प्रबंधकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस संवाद का मुख्य केंद्र बिंदु दोनों देशों के मध्य आर्थिक भागीदारी, विनिर्माण, तकनीकी सहयोग, निवेश तथा सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण को नई गति प्रदान करना रहा।
मिलवॉकी आगमन पर शिकागो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के महावाणिज्यदूत डॉ. एम. आनंद प्रकाश ने केंद्रीय मंत्री की अगवानी की। अपनी इस यात्रा के दौरान गोयल जी20 की आधिकारिक बैठकों में शामिल होने के साथ ही अमेरिकी कॉरपोरेट जगत के अग्रणियों से निरंतर संपर्क स्थापित कर रहे हैं।
गोलमेज परिचर्चा का आयोजन करने वाला संस्थान ‘नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स’ अमेरिका के विनिर्माण परिदृश्य का एक प्रमुख मंच है। यह संगठन देश के उत्पादन क्षेत्र के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, जो अमेरिकी विनिर्माण की लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी में उल्लेखनीय हिस्सेदारी रखता है।
बैठक में भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों का आर्थिक जुड़ाव अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं रह गया है। यह साझेदारी अब प्रौद्योगिकी, नवाचार, लचीली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, निवेश तथा उच्च मूल्य वाली विनिर्माण क्षमताओं के संयुक्त विकास की दिशा में तेजी से अग्रसर हो रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि आपसी सहयोग के दायरे को और अधिक विस्तृत करने की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।
सम्मेलन में उपस्थित अमेरिकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने भारत में मौजूद व्यावसायिक संभावनाओं और वहां अपनी रणनीतिक उपस्थिति को विस्तार देने के संबंध में विचार साझा किए। इसके उत्तर में पीयूष गोयल ने आश्वस्त किया कि भारत सरकार विदेशी उपक्रमों के परिचालन, निवेश और कार्य-विस्तार के लिए हरसंभव अनुकूल वातावरण और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री ने रॉकवेल ऑटोमेशन के वैश्विक मुख्यालय में आयोजित बिजनेस राउंडटेबल (बीआरटी) तथा एनएएम के स्वागत समारोह में भी भागीदारी की। वहां उन्होंने अन्य जी20 राष्ट्रों के व्यापार मंत्रियों और अमेरिकी उद्योगपतियों से द्विपक्षीय व्यापार, निवेश संवर्धन और औद्योगिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने के उपायों पर रचनात्मक चर्चा की।