मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की दरों में आई तेजी के बीच एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने गुरुवार को अपनी घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा की है। इंडिगो द्वारा उठाए गए इसी तरह के कदम के बाद टाटा समूह की इन दोनों एयरलाइनों ने भी हवाई किराये में यह बढ़ोतरी की है, जिससे यात्रियों के लिए हवाई यात्रा अधिक खर्चीली हो जाएगी।
लागत में बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए टाटा समूह की एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ महीनों से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बने निरंतर दबाव के कारण एटीएफ की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। विमानन कंपनी के अनुसार, हालिया मूल्य वृद्धि से परिचालन लागत में भारी इजाफा हुआ है, जिसमें कुल परिचालन व्यय का एक बड़ा हिस्सा अकेले ईंधन का होता है।
एयर इंडिया द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह संशोधित शुल्क 9 अक्टूबर से प्रभावी होगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों के लिए नया सरचार्ज 9 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार (आईएसटी) रात 12:00 बजे से होने वाली नई बुकिंग पर लागू होगा, जबकि एयर इंडिया के लिए इसे 9 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे से लागू किया जाएगा। यह अतिरिक्त शुल्क संबंधित सेक्टर और रूट की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग तय किया गया है।
घरेलू उड़ानों के एकतरफा (वन-वे) सफर के लिए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने दूरी के हिसाब से 400 रुपये से लेकर 1,200 रुपये तक का सरचार्ज तय किया है। इसके तहत 500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 400 रुपये, 501 से 1,000 किलोमीटर के सफर पर 600 रुपये, 1,001 से 1,500 किलोमीटर की उड़ानों पर 850 रुपये तथा 1,501 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाली उड़ानों पर 1,200 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देय होगा।
अंतरराष्ट्रीय मार्गों के संबंध में एयरलाइन ने चुनिंदा रूट्स के लिए नए शुल्क की रूपरेखा जारी की है। इसके अंतर्गत उत्तरी अमेरिका के लिए 215 डॉलर, ऑस्ट्रेलिया के लिए 210 डॉलर, ब्रिटेन सहित समूचे यूरोप के लिए 135 डॉलर तथा पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व के गंतव्यों के लिए 55 डॉलर का सरचार्ज निर्धारित किया गया है।
इससे पहले देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भी एटीएफ की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर 6 अक्टूबर को रात 00:01 बजे से प्रभावी नई बुकिंग पर फ्यूल चार्ज में संशोधन किया था। इंडिगो ने अपने बयान में कहा था कि पिछले महीने की तुलना में विमान ईंधन की दरों में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे एटीएफ की लागत पिछले एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है।
इंडिगो के संशोधित ढांचे के अनुसार, घरेलू रूट पर 500 किमी तक 375 रुपये, 501 से 1,000 किमी पर 600 रुपये, 1,001 से 1,500 किमी पर 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किमी पर 1,150 रुपये और 2,000 किमी से अधिक दूरी पर 1,300 रुपये का चार्ज लिया जा रहा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सार्क देशों के भीतर 500 किमी तक 1,000 रुपये और 501 किमी से अधिक पर 3,000 रुपये; दक्षिण-पूर्व एशिया, खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) व मध्य पूर्व, तथा उत्तर व पूर्व एशिया के लिए 5,500 रुपये; अफ्रीका के लिए 6,000 रुपये और यूरोप के लिए 10,000 रुपये तय किए गए हैं। इंडिगो ने यह भी स्पष्ट किया था कि यात्रियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम पड़े, इसलिए इस बढ़ोतरी को ईंधन की वास्तविक लागत में हुई वृद्धि की तुलना में सीमित रखा गया है।