हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में शनिवार तड़के 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह हलचल राजधानी शिमला से करीब 130 किलोमीटर दूर स्थित रामपुर क्षेत्र में दर्ज की गई।
भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार सुबह लगभग 4:36 बजे जमीन में कंपन हुआ, जो कुछ सेकंड तक महसूस किया गया। इस भूकंप का केंद्र भूमि की सतह से 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। वहीं, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए पुष्टि की है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है।
पहाड़ी क्षेत्र में निरंतर आ रहे भूंकपों के कारण स्थानीय निवासियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। इससे पूर्व 26 अगस्त की सुबह भी शिमला क्षेत्र में इसी प्रकार के हल्के झटके दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों की समीक्षा करें तो राज्य में 1 अगस्त तक पिछले तीन वर्षों के दौरान कुल 67 बार भूकंप आ चुके हैं। इन प्राकृतिक घटनाओं के कारण निजी संपत्तियों को कुल 7.05 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
भौगोलिक और भूगर्भीय दृष्टि से हिमाचल प्रदेश भूकंप के अत्यधिक संवेदनशील जोन 4 और जोन 5 के अंतर्गत आता है।
उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले भारतीय मानक ब्यूरो ने एक नया भूकंपीय नक्शा प्रस्तावित किया था, जिसमें पूरे प्रदेश को सर्वाधिक जोखिम वाले जोन 6 में शामिल किया गया था। यद्यपि, केंद्र सरकार ने बाद में इस नए वर्गीकरण को निरस्त करते हुए पूर्व में निर्धारित मानकों को ही पुनः प्रभावी कर दिया।