वैश्विक स्तर पर अनुकूल परिस्थितियों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं में गिरावट के चलते सोमवार सुबह देश के वायदा बाजार में बहुमूल्य धातुओं में स्पष्ट बढ़त दर्ज की गई।
एमसीएक्स पर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन दिसंबर आपूर्ति वाला सोना 1,48,397 रुपये पर खुलने के बाद 461 रुपये या 0.31 प्रतिशत सुधरकर 1,48,379 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि पिछला बंद 1,47,918 रुपये रहा था। दिन के उतार-चढ़ाव में पीली धातु 581 रुपये (0.4 प्रतिशत) की तेजी के साथ 1,48,499 रुपये के शीर्ष स्तर तक गई। कारोबार के दौरान इसका निचला स्तर 1,48,120 रुपये रहा, जो शुक्रवार के बंद भाव से 200 रुपये (0.13 प्रतिशत) ज्यादा था।
चांदी के वायदा सौदों में भी जोरदार लिवाली देखी गई। एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी का अनुबंध 2,12,319 रुपये पर खुला और 826 रुपये (0.39 प्रतिशत) की तेजी के साथ 2,12,013 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इसका पिछला बंद भाव 2,11,187 रुपये था। सत्र के दौरान भाव 1,563 रुपये यानी 0.74 प्रतिशत चढ़कर 2,12,750 रुपये के इंट्रा-डे उच्च स्तर तक पहुंचे, जबकि सत्र का निम्नतम स्तर 2,11,634 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
बाजार में यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख से उपजी उम्मीदों पर आधारित है। फेड प्रमुख केविन वॉर्श द्वारा शुक्रवार को बैंकॉक में दिए गए वक्तव्य के बाद अक्टूबर में ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका 20 प्रतिशत से नीचे आ गई। यद्यपि पिछले साढ़े चार वर्षों में उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) में आई सबसे तेज मासिक वृद्धि दर्शाती है कि मुद्रास्फीति का दबाव कायम है और दिसंबर में दर वृद्धि का विकल्प खुला है। ऐसे में बाजार की दिशा तय करने में 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली एफओएमसी बैठक अहम रहेगी।
विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं ने बढ़त बनाई। अंतरराष्ट्रीय मंच कॉमैक्स पर सोना करीब 4,185 डॉलर पर खुलकर 0.50 प्रतिशत की छलांग के साथ 4,200 डॉलर के निकट दिखा। उधर कॉमैक्स चांदी 57.15 डॉलर पर खुलने के उपरांत 0.89 प्रतिशत की तेजी लेकर 57.80 डॉलर के समीप पहुंची, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी का रुझान सोने से अधिक मजबूत रहा।
कारोबारियों के अनुसार, एमसीएक्स चांदी के लिए 2,14,000 से 2,15,000 रुपये का स्तर तत्काल रुकावट का क्षेत्र है, जहां पिछले शुक्रवार को भी तेजी थमी थी। यदि भाव इसके ऊपर निकलते हैं, तो 2,19,000 से 2,20,000 रुपये का स्तर अगला अहम प्रतिरोध होगा। नीचे की ओर 2,07,000 से 2,08,000 रुपये का स्तर शुरुआती समर्थन और 2,00,000 से 2,02,000 रुपये का दायरा प्रमुख आधार के रूप में देखा जा रहा है।