गुरुवार को एशियन पैरा गेम्स 2026 की पुरुषों की हाई जंप टी63 स्पर्धा के फाइनल में भारतीय पैरा एथलीटों ने पोडियम के तीनों स्थानों पर विजय प्राप्त की। शैलेश कुमार ने पहले स्थान पर रहकर स्वर्ण, वरुण भाटी ने दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत और राहुल ने तीसरा स्थान पाकर कांस्य पदक देश की झोली में डाला।
प्रतियोगिता के तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, शैलेश कुमार ने 1.89 मीटर की छलांग के साथ स्वर्ण पदक जीता। वरुण भाटी ने 1.84 मीटर की कूद दर्ज कराकर दूसरा स्थान हासिल किया। इसी स्पर्धा में राहुल ने 1.81 मीटर का प्रयास किया, जो उनका अब तक का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, और वे तीसरे स्थान पर रहे।
पुरुषों की हाई जंप टी42/टी63 श्रेणी में भारतीय दल ने यह परिणाम हासिल कर वर्ष 2022 की अपनी सफलता की पुनरावृत्ति की है। इन खेलों में यह तीसरा मौका था जब भारत ने किसी स्पर्धा में सभी पदकों पर क्लीन स्वीप किया। इससे पहले देवेंद्र कुमार के नेतृत्व वाली मेंस डिस्कस थ्रो एफ44/64 स्पर्धा तथा सचिन खिलारी की अगुवाई वाली शॉट पुट एफ46 स्पर्धा में भी भारत ने तीनों पदक जीते थे।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से ताल्लुक रखने वाले अनुभवी जंपर वरुण भाटी का पैरालंपिक करियर बेहद सशक्त रहा है। वर्ष 2016 के रियो पैरालंपिक में उन्होंने मेंस हाई जंप टी42 स्पर्धा में 1.86 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता था, जो उनके करियर की पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि थी।
भाटी ने 2017 की वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक तथा 2018 के एशियन पैरा गेम्स में 1.82 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता था। इसके अतिरिक्त, नई दिल्ली में आयोजित 2025 की वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 1.85 मीटर का स्कोर बनाकर टी63 वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया था।
इसी दिन ट्रैक स्पर्धाओं में भी भारत ने शीर्ष दो स्थान हासिल किए। महिलाओं की 400 मीटर टी47 दौड़ में अंजनाबेन बंबडिया ने 59.97 सेकंड की समय सीमा में रेस पूरी कर स्वर्ण पदक जीता, वहीं उनके बाद जयंती बेहरा ने 1:00.65 के समय के साथ रजत पदक पर अपना दावा पक्का किया।