राष्ट्रीय राजधानी में संतुलित और एकीकृत विस्तार को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने 48 ग्रामीण क्षेत्रों को ‘शहरी’ घोषित करने का फैसला किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य राजधानी के तेजी से बदलते स्वरूप के साथ इन इलाकों की कानूनी स्थिति का तालमेल बिठाना और आने वाले समय के लिए ठोस बुनियादी योजनाएं तैयार करना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस फैसले के बाद इन चिन्हित क्षेत्रों में जमीनों के समुचित इस्तेमाल, बेहतर सड़क संपर्क, सीवर नेटवर्क, स्वच्छ पेयजल और नागरिक सेवाओं की मांगों पर अधिक संगठित तरीके से काम हो सकेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि ग्रामीण क्षेत्र दिल्ली की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का अहम आधार हैं। वहां रहने वाले नागरिकों के जीवनस्तर को ऊंचा उठाने और आधुनिक जनसुविधाएं मुहैया कराने के लिए सुव्यवस्थित विकास अनिवार्य है। सरकार का उद्देश्य गांवों की मूल पहचान को बनाए रखते हुए उन्हें मुख्यधारा की प्रगति से जोड़ना है।
शहरीकरण के दायरे में आने वाले प्रमुख गांवों में बकौली, हमीदपुर, पल्ला, कुलकपुर, सिंघोला, सुंगरपुर दिल्ली, सुंगरपुर शाहदरा, ताजपुर कलां, टिहरी दौलतपुर, राजपुर कलां, औचंदी, मुंगेशपुर, शाहपुर गढ़ी, निजामपुर रसिदपुर, चटेसर, पुर दिल्ली, जगतपुर दिल्ली, सुल्तानपुर माजरा, पुर शाहदरा, सबापुर दिल्ली, बदरपुर खादर, बाकीआबाद, खानपुर खानी, जाफराबाद, जगतपुर शाहदरा, बदरपुर माजरा बुराड़ी, फतेहपुर बेरी, चंदनहोला, बदूसराय, देवराला, घुम्मनहेड़ा, जैनपुर, झटिकरा, कांगनहेड़ी, राघोपुर, रावता, शिकारपुर, बिजवासन, नानक हेड़ी, बकरगढ़, ढांसा, गालिबपुर, इस्सापुर, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, सुरखपुर और चक चिल्ला शामिल हैं।
यह पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया दिल्ली नगर निगम (MCD) अधिनियम, 1957 की धारा 507(ए) के अंतर्गत अमल में लाई जा रही है। इससे इन ग्रामीण इलाकों को दिल्ली के संपूर्ण मास्टर प्लान-2041 के प्रारूप के साथ जोड़ना संभव होगा। साथ ही, भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलेगी। हालांकि, निर्माण और विकास कार्य तय नियमों, मंजूर योजनाओं और आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों के दायरे में ही किए जाएंगे।
शहरी दर्जा मिलने के उपरांत जल निकासी, कचरा निस्तारण, पथ प्रकाश और आंतरिक सड़कों के नेटवर्क को लेकर संबंधित नागरिक एजेंसियां ठोस कार्ययोजना तैयार कर सकेंगी। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के साथ ही इन इलाकों की प्रशासनिक व कानूनी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी विकास गतिविधियां, भू-उपयोग परिवर्तन और निर्माण कार्य लागू भवन विनियमों व उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप ही संचालित होंगे।