केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर की 320 नई सीटें शुरू करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत किए जाने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस शैक्षणिक विस्तार के लिए केंद्र सरकार की ओर से लगभग 415 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में चिकित्सा शिक्षा का दायरा बढ़ाया जा रहा है और यह फैसला उसी नीति का हिस्सा है। इस कदम से हिमाचल प्रदेश के छात्र-छात्राओं को अपने ही राज्य में विशेषज्ञता हासिल करने का मौका मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होगी और स्वास्थ्य तंत्र पहले से अधिक सुदृढ़ होगा।
प्रक्रिया के विवरण पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से यह मांग 23 जून को भेजी गई थी। इसके बाद 6 अक्टूबर को एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री के साथ इस मसले पर प्रत्यक्ष विमर्श हुआ, जिसके उपरांत केंद्र ने सभी 320 सीटों की संस्तुति दे दी। नड्डा ने कहा कि केंद्र ने अपनी तरफ से पूरी तत्परता दिखाई है और अब राज्य प्रशासन को भी आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी करनी चाहिए, ताकि जनता को इसका त्वरित लाभ मिल सके।
स्वीकृत सीटों के कॉलेजवार आवंटन के तहत शिमला को सर्वाधिक 91 सीटें मिली हैं। हमीरपुर और टांडा मेडिकल कॉलेजों को 57-57 सीटें, मंडी को 55, नाहन को 32 और चंबा को 28 सीटें आवंटित की गई हैं। इन सीटों के जुड़ने से हड्डी रोग, शल्य चिकित्सा (सर्जरी), प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल रोग तथा कैंसर विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कुशल चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
केंद्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि बीते 12 वर्षों में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। केंद्र सरकार ने आगामी पांच वर्षों में 15,000 करोड़ रुपये के बजट से देश भर में 10,000 नई स्नातक व स्नातकोत्तर सीटें जोड़ने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश की ये सीटें भी सम्मिलित हैं।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य में अन्य केंद्रीय परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की। नड्डा ने भानुपल्ली-बिलासपुर और चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइनों के लिए भूमि अधिग्रहण व राज्य की वित्तीय हिस्सेदारी से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा करने का अनुरोध किया। साथ ही, जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं और क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स के निर्माण कार्य को गति देने पर बल देते हुए कहा कि जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं में रुकावट नहीं आनी चाहिए। केंद्र सरकार राज्य के समग्र विकास और जन-कल्याण के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है।