ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री के लिए चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच छत्तीसगढ़ी तीजा तिहार के बहाने बर्फ पिघलती दिखी है। तीजा तिहार के निमंत्रण पर आज स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। वहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री की बेटी ने अपनी कुर्सी खिसकाकर सिंहदेव को पिता के बगल में बिठाया और पैर छूकर आशीष लिया। मुख्यमंत्री बघेल और स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव पूरे 40 दिन बाद एक फ्रेम में देखे गए हैं।
इससे पहले 25 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने मंच साझा किया था। उसी दिन कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह ने सिंहदेव पर जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया था। उस दिन भी तनाव था, लेकिन दोनों नेताओं ने इसे सहजता से लिया था। उसके बाद के घटनाक्रमों के बाद तनाव बढ़ता गया। उसके दिल्ली की घेराबंदी और शक्ति प्रदर्शन का नया दौर शुरू हुआ।
मुख्यमंत्री के निमंत्रण पर आज टीएस सिंहदेव सीएम हाउस पहुंचे तो आयोजन में आए सभी मेहमान मंच पर पहुंच चुके थे। पहली पंक्ति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बाएं उनकी पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया, सांसद फूलोदेवी नेताम और वन मंत्री मोहम्मद अकबर बैठे थे। मुख्यमंत्री के दाहिनी ओर अलका लांबा, रागिनी नायक, ज्योत्सना महंत, कवासी लखमा और जय सिंह अग्रवाल की सीट थी। मुख्यमंत्री के ठीक पीछे उनकी बेटी थीं। वहीं संसदीय सचिव शकुंतला साहू और विधायक संगीता सिन्हा भी वहीं बैठी थीं।
मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारी ने ज्योंहि सिंहदेव के आने की जानकारी दी, CM ने उन्हें मंच पर ही बुला लिया। सिंहदेव के मंच पर आते ही सभी खड़े हो गए। बाएं से सभी का अभिवादन करते-स्वीकार करते सिंहदेव एकदम दाहिनी ओर पहुंच गए। वे जयसिंह अग्रवाल के बगल में बैठ रहे थे। मुख्यमंत्री ने महाराज कहके उन्हें अपने पास बुलाया। सीएम के बगल में बैठीं अलका लांबा ने अपनी सीट छोड़ी, लेकिन सीएम के इशारे पर उनकी बेटी ने पीछे से अपनी कुर्सी खिसकाकर पिता के बगल में लगाई। उस पर सिंहदेव के बैठने के बाद उन्होंने उनके पांव छुए। सिंहदेव के साथ आए उनके भतीजे आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने भी मंच पर जाकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी पत्नी के पांव छूए।