ताजिकिस्तान की राजधानी दुशाम्बे में हो रही शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11 बजे वर्चुअली संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि मोदी अपने संबोधन में आतंकवाद और अफगानिस्तान का मुद्दा उठा सकते हैं। इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान फिजिकली मौजूद रहेंगे वहीं चीन के राष्ट्रपति शी-जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वर्चुअली जुड़ेंगे।
इससे पहले चीन, ईरान, पाकिस्तान और रूस के विदेश मंत्रियों ने मुलाकात की है। चीन, ईरान, पाकिस्तान और रूस के विदेश मंत्रियों ने मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि रूसी विदेश मंत्री सर्गे लेवरोव के साथ चर्चा में व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात हुई है।
SCO की बैठक में शामिल होने के विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले ही दुशांबे पहुंच चुके हैं। वे इस मीटिंग में फिजिकली शामिल होंगे। SCO के सदस्य देशों की ये 21वीं बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान करेंगे। शंघाई सहयोग संगठन अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। 15 जून 2001 को इस संगठन की स्थापना हुई थी और 2017 में भारत इसका पूर्णकालिक सदस्य बना था।
SCO समिट में चीन के रुख पर भी नजर रहेगी, क्योंकि एक दिन पहले ही ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका और ब्रिटेन के साथ परमाणु-ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां बनाने के लिए सुरक्षा समूह बनाया है। इस समझौते से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन को कंट्रोल किया जा सकेगा। ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन ने ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ संयुक्त रूप से गुरुवार को इसका ऐलान किया। इसके बाद चीन ने कहा था कि इन देशों को शीत युद्ध की मानसिकता से बाहर आना चाहिए।
SCO की बैठक से अलग विदेश मंत्री एस जयशंकर गुरुवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात कर चुके हैं। इसके बाद एस जयशंकर ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि इस मुलाकात में भारत-चीन बॉर्डर पर डिसएंगेजमेंट पर चर्चा हुई और जोर दिया गया कि सीमा पर शांति के लिए डिसएंगेजमेंट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना जरूरी है। साथ ही वैश्विक विकास पर भी चर्चा की गई और चीन से कहा कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को किसी तीसरे देश के नजरिए से न देखे।