देश में शादी-विवाह और तीज-त्योहारों के मौके पर पहने जाने वाले एथनिक वियर (लहंगा, शेरवानी, डिजाइनर साड़ी, कुर्ते आदि) के कारोबार का अधिकांश हिस्सा हमेशा से असंगठित और छोटे-मझोले डिजाइनर्स, ब्रांड और मैन्युफैक्चरर्स के हाथ में रहा है। लेकिन अब तस्वीर बदलने लगी है। देश के सबसे बड़े उद्योग घराने टाटा समूह, आदित्य बिड़ला समूह और रिलायंस रिटेल इस बाजार में कूद पड़े हैं।
वेस्टसाइड के जरिए पहले से एथनिक वियर में कारोबार कर रहा टाटा समूह टाइटन की तनेरा रेंज के माध्यम से इस सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को मजबूती दे रहा है। वहीं, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल जो अब तक वैन ह्यूसेन और पीटर इंग्लैंड जैसे ब्रांड के जरिए वेस्टर्न क्लोदिंग पर ध्यान दे रही थी, वह भी सब्यसाची, तरुण ताहिलयानी और शांतनु एंड निखिल जैसे डिजाइनर ब्रांड में हिस्सेदारी खरीद कर एथिनक वियर में मौजूदगी दर्ज करा रही है।
रेमंड ने भी अपनी एथनिक रेंज अलग से लॉन्च की है। इसके अलावा रिलायंस ग्रुप ने अपनी रिटेल चेन ट्रेंड्स के माध्यम से अवांत्रा बाय ट्रेंड्स लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके जरिए एक्सक्लूसिव साड़ी और एथनिक वियर के स्टोर डिजाइन किए जाएंगे।
फैशन रिटेल के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी टेक्नोपैक के सीनियर पार्टनर अमित गुगनानी के मुताबिक भारत का एथनिक वियर का मार्केट लगभग 1 लाख करोड़ रुपए का है। इसमें 85 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी महिलाओं के सेगमेंट की है। एथनिक वियर ब्रांड कल्कि फैशन के निदेशक निशित गुप्ता कहते हैं, भारत में साल भर त्योहार और शादी-विवाह का मौसम बना रहता है। यही वजह है कि टाटा-बिड़ला और अंबानी जैसे बड़े समूह भी इसमें हाथ आजमा रहे हैं।
एथनिक वियर सेगमेंट में उतरने का हमारा उद्देश्य डिजाइनर क्लोदिंग और क्वालिटी की पेशकश करना है। हम अपने पोर्टफोलियो में डिजाइनर कुर्ता और ब्लाउज जैसी चीजें भी शामिल कर रहे हैं। हमारा आइडिया महंगी और एक्सक्लूसिव रेंज लॉन्च करने का है, जो हमारे ब्रांड के साथ मेल खाती हैं।