क्लीन एनर्जी में अडाणी Vs अंबानी

गौतम अडाणी के अडाणी ग्रुप और मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के बीच क्लीन एनर्जी स्पेस में आगे निकलने की होड़ मची है। अडाणी ग्रुप ने क्लीन एनर्जी से जुड़ी टेक्नोलॉजी पर अगले 10 साल में 20 अरब डॉलर (1.47 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा का निवेश करने का ऐलान किया है।

प्राकृतिक संसाधनों-धूप, हवा या पानी से मिलने वाली ऊर्जा ग्रीन एनर्जी कहलाती है। ग्रीन एनर्जी यानी रिन्यूएबल एनर्जी से पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। ग्रीन एनर्जी को इसलिए प्रमोट किया जा रहा है, क्योंकि इससे फॉसिल फ्यूल यानी कोयला और पेट्रोलियम की तरह नुकसानदेह ग्रीन हाउस गैस नहीं पैदा होती।ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा है कि यह निवेश इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रुप की ग्रीन हाइड्रोजन प्रॉडक्शन में एंट्री करने, सभी डेटा सेंटर को रिन्यूएबल एनर्जी से पावर देने और अपने पोर्ट को 2025 तक नेट कार्बन जीरो बनाने की योजना है।

मुकेश अंबानी ने जून में हुई रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की 44 वीं सालाना मीटिंग में कहा था कि उनकी कंपनी अगले तीन साल में क्लीन एनर्जी स्पेस में 75,000 करोड़ रुपए (10 अरब डॉलर) करेगी। उन्होंने कहा था कि कंपनी यह कदम 2035 तक अपने बिजनेस के कार्बन उत्सर्जन को न्यूट्रल बनाने की प्रतिबद्धता पूरी करने के मकसद से उठाएगी।

इधर, मंगलवार को गौतम अडाणी ने जेपी मॉर्गन इंडिया इनवेस्टर समिट में कहा कि अडाणी ग्रुप क्लीन एनर्जी वैल्यू चेन में बड़ा निवेश करेगा। वह क्लीन एनर्जी से जुड़े ज्यादातर स्पेस में दखल बनाएगा। अडाणी 2030 तक अपने ग्रुप को दुनिया की सबसे बड़ी बिजली कंपनी बनाने का मंसूबा पहले ही जाहिर कर चुके हैं।अडाणी ने कहा, ‘हमने 2025 तक के लिए जो पूंजीगत निवेश की योजना बनाई है, उसका 75% से ज्यादा हिस्सा ग्रीन टेक्नोलॉजी में लगाया जाएगा। हम अगले दस साल में रिन्यूएबल एनर्जी जेनरेशन, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन पर 20 अरब डॉलर का निवेश करेंगे।’

अडाणी ने कहा है कि उनका ग्रुप अगले चार साल में रिन्यूएबल पावर एनर्जी जेनरेशन कैपेसिटी को तीन गुना करेगा। उन्होंने कहा कि यह ऊर्जा पैदा करने की ग्रुप की यह कैपेसिटी अभी 21% है जिसे 63% तक ले जाया जाएगा। अडाणी ने कहा कि कोई भी कंपनी इतनी बड़ी क्षमता हासिल नहीं कर पाई है।अंबानी ने कहा था कि RIL ग्रीन एनर्जी बिजनेस पर अगले 3 सालों में कुल 75 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज 2030 तक 100 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य हासिल करना और 2035 तक जीरो कार्बन का टैग चाहती है।

RIL 60 हजार करोड़ रुपए की लागत से गुजरात के जामनगर में 4 गीगा फैक्ट्री बनाएगी। वहां सोलर पैनल, बैट्रीज, ग्रीन हाइड्रोजन और फ्यूल सेल बनाएगी। कंपनी 15 हजार करोड़ रुपए वैल्यू चेन, पार्टनरशिप और भविष्य की टेक्नोलॉजी में निवेश करेगी।ग्रुप के दूसरे कारोबार के बाबत अडाणी ने कहा कि वह इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के उन हिस्सों पर फोकस बनाए रखेगा, जहां की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रुप की कंपनियां अडाणी एंटरप्राइजेज के तहत दूसरे कारोबार में विस्तार करेगी और नए बिजनेस शुरू करेगी। समय आने पर उनको इंडिपेंडेंट कंपनी के तौर पर बाजार में लिस्ट कराएगी।

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