मोदी का अमेरिका दौरा:टेक, IT, रिन्‍यूएबल एनर्जी, फाइनेंस और ड्रोन कंपनियों के CEO से मिलेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रेसिडेंट जो बाइडेन के न्योते पर अमेरिका का दौरा कर रहे हैं। मोदी वहां टेक्नोलॉजी और IT सेक्टर की छह दिग्गज कंपनियों के CEO से मिल सकते हैं। इन कंपनियों में क्वॉलकॉम, एडोबी, फर्स्ट सोलर, जनरल एटॉमिक्स और ब्लैकस्टोन शामिल हैं।सरकार का फोकस जिन क्षेत्रों पर है, मोदी उन्हीं सेक्टर की कंपनियों के CEO के साथ मीटिंग कर रहे हैं। ये कंपनियां सॉफ्टवेयर, टेक्‍नोलॉजी, रिन्‍यूएबल एनर्जी, ड्रोन और इनवेस्‍टमेंट सेक्टर की हैं। सूत्रों के मुताबिक, मोदी एपल के CEO टिम कुक से भी मिल सकते हैं।

अमेरिका दौरे पर मोदी जिन कंपनियों के CEO से मिलने वाले हैं, उनके भारत से मजबूत रणनीतिक और कारोबारी रिश्ते हैं। इन कंपनियों में एक नाम आईफोन बनाने वाली एपल का है। दो साल पहले एपल ने अपने पार्टनर्स के जरिए भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करने का ऐलान किया था।भारत में अब तक वेंडर्स के जरिए आईफोन और दूसरे प्रॉडक्ट्स बेच रही यह दिग्गज अमेरिकी कंपनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च कर रही है। उसने इसके बाद 15 अगस्त 2022 को यहां अपना पहला फिजिकल स्टोर खोलने का ऐलान किया है। वह पूरे मालिकाना हक वाला स्टोर मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में खोलेगी।

जहां तक प्रोडक्शन की बात है तो एपल यह काम यहां फिलहाल विस्ट्रॉन और फॉक्सकॉन के जरिए कर रही है। इसके तीसरे पार्टनर पेगाट्रोन का मैन्युफैक्चरिंग प्लान कोविड के चलते मुश्किलों में फंस गया है। फॉक्सकॉन के बाद एपल की दूसरी सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर पेगाट्रोन यहां 15 करोड़ डॉलर (लगभग 1,100 करोड़ रुपए) का शुरुआती निवेश कर रही है।

तीनों कंपनियों ने अगले पांच साल में 3.6 लाख करोड़ रुपए मूल्य के आईफोन बनाने का कमिटमेंट किया है, जिनमें से 80% आईफोन निर्यात किए जाएंगे। एपल के प्रोडक्शन में मेड इन इंडिया का शेयर 2018 के 17% से बढ़कर 76% हो गया है। निर्यात के मोर्चे पर मेड इन इंडिया एपल का शेयर दो साल पहले के जीरो से 5% पर आ गया है।एपल के लिए भारत का बाजार काफी अहमियत रखता है। इसका पता इसी बात से चलता है कि आईफोन 13 की ग्लोबल और इंडिया लॉन्चिंग एक ही दिन हुई। पहले नए आईफोन अमेरिका और चीन के बाजारों में आने के 3-4 हफ्ते बाद इंडिया में लॉन्च होते थे।

अब बात करते हैं एडोबी की, जिसके सीईओ शांतनु नारायण से मोदी की मुलाकात होने वाली है। इस सॉफ्टवेयर कंपनी के इंडिया में तीन शहरों- बेंगलुरु, नोएडा और गुरुग्राम में दफ्तर हैं। इसके बेंगलुरु और नोएडा में दो-दो दफ्तर हैं। एडोबी के इंडिया में लगभग 6,000 एंप्लॉयी हैं।चिप बनाने वाली अमेरिकी कंपनी क्वॉलकॉम 3जी और 4जी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वर्ल्ड लीडर है। यह 5जी के क्षेत्र में काफी काम कर रही है और इसके सपोर्ट से भारत 5जी टेक्नोलॉजी की दिशा में बड़े कदम बढ़ा सकता है। कंपनी के दुनिया भर में 167 और भारत में 17 दफ्तर हैं जो बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, नोएडा और गुरुग्राम में हैं।

पीएम की मीटिंग लिस्ट में फर्स्ट सोलर के CEO का भी नाम है जिनकी कंपनी सोलर पैनल बनाती है। यह इनके लिए फाइनेंस, कंस्ट्रक्शन, मेंटेनेंस और एंड ऑफ लाइफ पैनल रीसाइकलिंग सर्विसेज मुहैया कराती है। अमेरिका के एरिजोना में हेडक्वार्टर्स वाली कंपनी का इंडिया ऑफिस नई दिल्ली में है। इसने दुनिया के कई बड़े ग्रिड कनेक्टेड पीवी पावर प्लांट का कंस्ट्रक्शन, डेवलपमेंट और फाइनेंस किया है।

जनरल एटॉमिक्स राडार बनाने के अलावा ड्रोन डिजाइन और मैन्युफैक्चर करने वाली दुनिया की अग्रणी कंपनी है। इसने लगभग दो साल पहले इंडिया में अपना दफ्तर खोला था। जहां तक ब्लैकस्टोन की बात है तो यह दुनियाभर के पेंशन फंड्स, बड़े वित्तीय संस्थानों और इंडिविजुअल को इनवेस्टमेंट सर्विसेज मुहैया कराती है।

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