बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए तैयार है CG:

विभिन्न वैक्सीन उत्पादकों के ट्रायल और नतीजों को देखते हुए अगले महीने से बच्चों को कोरोना टीका लगाए जाने की संभावना बन रही है। छत्तीसगढ़ में एक करोड़ से अधिक बच्चों को यह टीका लगाया जाना है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, आधिकारिक तौर पर अभी केंद्र सरकार से उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है। लेकिन हमारा सिस्टम तैयार है। जैसे ही बच्चों के टीकाकरण का प्रोटोकॉल आएगा, उसके मुताबिक टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, विभिन्न समाचार माध्यमों से वैक्सीन के ट्रायल और उनकी प्रगति की जानकारी मिल रही है। इससे ऐसा लग रहा है कि जल्दी ही बच्चों के लिए भी टीका उपलब्ध हो जाएगा। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। जब तक उनकी ओर से कोई फैसला नहीं होता कुछ भी नहीं कहा जा सकता। यहां बच्चों के लिए टीके की अनुमति मिली तो वह किस आयु समूह के बच्चों के लिए होगी यह भी तय नहीं है। सिंहदेव ने कहा, हमारे टीकाकरण केंद्र पहले से ही संचालित हैं। जैसे ही बच्चों के लिए टीकाकरण का प्रोटोकॉल तय हुआ उसकी व्यवस्था भी कर दी जाएगी। इसमें कहीं कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

सिंहदेव ने कहा, छत्तीसगढ़ में बच्चों का आंकड़ा भी 2011 की जनगणना की वार्षिक वृद्धि दर के आधार पर तय किया जाएंगा। बताया जा रहा है, विभिन्न कंपनियां 2 वर्ष से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों के लिए वैक्सीन का परीक्षण कर रही हैं। 2011 की जनगणना और वार्षिक वृद्धि दर के आधार पर इस आयु वर्ग में अब एक करोड़ से अधिक लोग हैं। इधर पालकों को टीके का बेसब्री से इंतजार है। मोवा निवासी राजेंद्र साहू बताते हैं, 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण शुरू होते ही उन लोगों ने टीका लगवा लिया। दो छोटे बच्चे हैं। स्कूल खुलने के बाद से संक्रमण के खतरे को लेकर डर लगा रहता है। अगर उनको भी टीका लग जाए तो खतरा कम होगा। रायपुरा के विष्णु गुप्ता को अपनी स्कूल जाने वाली बेटी की चिंता है। अभी बेटी को स्कूल भेजते समय रोज मास्क-सेनिटाइजर, खेलने-खाने को लेकर कहते रहना पड़ता है। उसे भी टीका लग जाता तो चिंता थोड़ी कम होती।

छत्तीसगढ़ के राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वीआर भगत ने बताया, बच्चों के टीकाकरण के लिए अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। ऐसे में सब कुछ अस्पष्ट है। अगर टीकाकरण के लिए अलग से कोई विशेष प्रोटोकॉल नहीं बनाया गया तो पहले से चल रहे टीकाकरण केंद्रों पर ही व्यवस्था की जाएगी। अगर कर्मचारियों को अलग से प्रशिक्षण देने की जरूरत पड़ी तो वह भी दिया जाएगा।छत्तीसगढ़ में 16 जनवरी 2021 से कोरोना टीकाकरण चल रहा है। अब तक करीब एक करोड़ 80 लाख लोगों को कम से कम एक टीका लगाया जा चुका है। 21 सितम्बर को एक करोड़ 74 लाख लोगों को टीका लगा था। 22 को इसमें 2 लाख 80 हजार का इजाफा हुआ। गुरुवार दोपहर बाद तक एक लाख 24 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका था।

कोरोना टीकाकरण पर सरकार को सलाह देने वाली विशेषज्ञ समिति ने पिछले महीने राय दी थी कि शुरुआत में 12 साल से ज्यादा उम्र के उन बच्चों का टीकाकरण किया जाए, जिन्हें गंभीर बीमारियां हैं। समिति का तर्क था कि देश में 40 करोड़ बच्चे हैं। सभी का टीकाकरण शुरू किया जाता है तो पहले से चल रहे 18 वर्ष से अधिक आयु वालों के टीकाकरण अभियान पर भी असर पड़ेगा। समिति के अध्यक्ष एनके अरोड़ा ने कहा था, पूरी तरह से स्वस्थ बच्चों को टीके के लिए अभी इंतजार करना होगा। व्यस्कों के टीकाकरण में शुरू में ऐसी ही नीति बनी थी।

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