व्हाइट हाउस में मोदी-बाइडेन की बॉन्डिंग:

अमेरिका दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात हुई। इसमें द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा के साथ ही बाइडेन और मोदी की शानदार बॉन्डिंग दिखी तो हंसी-मजाक भी हुआ। मोदी जैसे ही व्हाइट हाउस में दाखिल हुए बाइडेन ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया तो मोदी ने हाथ जोड़कर नमस्कार किया और फिर छिड़ गया कुर्सी का किस्सा.

मोदी का हाथ पकड़कर बाइडेन उन्हें अंदर ले गए और जिस कुर्सी पर बिठाया उसका किस्सा भी सुनाया। बाइडेन ने मजाकिया लहजे में मोदी से कहा कि ये मेरी उस वक्त की कुर्सी है, जब मैं उपराष्ट्रपति था, अब इस पर आप बैठिए। दरअसल जो बाइडेन, बराक ओबामा के समय में अमेरिका के उपराष्ट्रपति रहे थे।

बाइडेन ने 2006 का अपना वह बयान भी याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि 2020 तक भारत-अमेरिका दुनिया के सबसे करीबी देश होंगे। साथ ही उपराष्ट्रपति रहते हुए अपनी मुंबई यात्रा को भी याद किया। बाइडेन ने मजाक में कहा कि मुंबई में उनके रिश्तेदार हैं। फिर तुरंत स्थिति साफ करते हुए बताया कि उन्हें मुंबई से एक व्यक्ति का खत मिला था, जिसका नाम बाइडेन था।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाइडेन से मुलाकात को बेहतरीन बताया। उन्होंने कहा- महात्मा गांधी हमेशा कहते थे कि हम इस प्लेनेट के ट्रस्टी हैं। यह भावना ही भारत-अमेरिका के बीच संबंध मजबूत करेगी। भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड का अपना महत्व है। इस दशक में कारोबार के क्षेत्र में हम एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं। मोदी ने कहा कि बहुत सी ऐसी चीजों की भारत को जरूरत है, जो अमेरिका के पास हैं। बहुत सी चीजें भारत के पास हैं, जो अमेरिका के काम आ सकती हैं।

मोदी और बाइडेन की ये पहली मुलाकात थी, जिस पर भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं। खासतौर से पाकिस्तान ये देखना चाहता था कि व्हाइट हाउस में मोदी का स्वागत कैसे होता है, क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बाइडेन ने राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद अभी तक एक बार फोन तक नहीं किया है। अब बाइडेन और मोदी की मुलाकात से पाकिस्तान समझ गया होगा कि अमेरिका-भारत के रिश्तों का भविष्य कैसा रहने वाला है।

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