ताइवान में फिर चीनी एयरफोर्स की घुसपैठ:

अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई देशों देशों की चेतावनी के बाद भी चीन ने ताइवान को डराना-धमकाना नहीं छोड़ा है। चीन ने 1 अक्टूबर को अपने राष्ट्रीय दिवस पर 38 फाइटर जेट से शौर्य प्रदर्शन किया। ये जेट उड़ते-उड़ते ताइवान की सीमा में दाखिल हो गए।

ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक चीन ने 18 जे-16, 4 सुखोई-30 विमान और 2 परमाणु बम गिराने में सक्षम एच-6 बॉम्‍बर भेजे थे। इसके जवाब में ताइवान की एयरफोर्स ने भी अपने फाइटर जेट्स उड़ाए।

ताइवान ने चीनी जेट्स को मॉनिटर करने के लिए मिसाइल सिस्टम भी तैनात कर दिया है। ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में लगातार चीनी घुसपैठ की खबरें आती रहीं हैं। ताइवान पिछले एक साल से चीनी एयरफोर्स की घुसपैठ की शिकायत कर रहा है। हालांकि, इस मामले में चीन की तरफ से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

डिफेंस मिनिस्ट्री ने चीनी जेट्स के फ्लाइट रुट का नक्शा भी जारी किया। इसके मुताबिक, चीनी जेट्स का पहला दस्ता प्रतास आइलैंड के इलाके से गुजरा। दूसरे दस्ते ने बाशी चैनल के उपर उड़ान भरी। यह चैनल ताइवान को फिलीपीन्‍स से अलग करता है और प्रशांत महासागर और विवादित साउथ चाइना सी को जोड़ता है।

चीन ताइवान में पहले भी ऐसी घटनाओं को दोहरा चुका है। चीन ताइवान पर पूरी स्वायत्तता का दावा करता है। ताइवान चीन के इस दावे को खारिज करता आया है। इस वजह से चीन ने ताइवान पर चीनी संप्रभुता स्वीकार करने के लिए लिए सैन्य और राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है।

इससे पहले चीन ने जून में एक साथ 28 लड़ाकू विमान भेजकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। चीन ने कहा था कि ये उड़ानें देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए थीं।चीन के इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म वीबो की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर सितंबर में 60 बार ताइवान की सीमा में घुसपैठ की है। चीन ने न केवल ताइवान के एयर स्पेस में घुसपैठ की है, बल्कि जंग जैसा माहौल भी पैदा किया है।

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