अमेरिकी कंपनी फाइजर-बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन का बूस्टर शॉट संक्रमण से 95.6% सुरक्षा प्रदान करता है। कंपनी ने 16 साल से ज्यादा उम्र के 10 हजार लोगों पर 11 महीने तक किए ट्रायल की जानकारी गुरुवार को जारी की है।
फाइजर-बायोएनटेक ने कहा कि जब डेल्टा वैरिएंट दुनिया में तेजी से फैल रहा था, उस समय लोगों पर ट्रायल किया गया। कंपनी के CEO अल्बर्ट बौर्ला ने कहा कि ट्रायल के रिजल्ट से पता चलता है कि बूस्टर शॉट लेने के बाद संक्रमण से अच्छी तरह से सुरक्षित रहा जा सकता है।
कई देशों ने बूस्टर डोज लगाने शुरू किए
कंपनी ने कहा कि ट्रायल का शुरुआती डेटा जल्द ही रेगुलेटरी एजेंसी के साथ शेयर किया जाएगा। बता दें कि कई देश अपने नागरिकों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कोरोना वैक्सीन के बूस्टर शॉट लगाना शुरू कर चुके हैं।
ट्रायल में शामिल लोगों की कॉमन उम्र 53 साल मानी जा सकती है। इसमें से 55.5% लोग 16 से 55 साल की उम्र के थे, जबकि 23.3% लोगों की उम्र 65 साल उससे ज्यादा थी।अमेरिका का फेडरल फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) सितंबर में ही वैक्सीन का बूस्टर डोज लगाने की अनुमति दे चुका है। हालांकि वहां सिर्फ 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और हाई रिस्क वाले लोगों को ही बूस्टर डोज दिया जा रहा है।
यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (EMA) ने अक्टूबर की शुरुआत में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज देने की अनुमति दे दी है। यूरोप में EMA को छूट दी गई है कि वे जिस एज ग्रुप के लोगों को चाहें, उन्हें पहले बूस्टर डोज दें।इजराइल ने अपनी मेडिकल अथॉरिटीज को 12 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों को बूस्टर डोज लगाने को कहा है।