आर्यन की बेल पर फिर टली सुनवाई:

क्रूज ड्रग्स केस में आरोपी आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमीचा को बुधवार को भी जमानत नहीं मिली। 8 अक्टूबर से आर्थर रोड जेल में बंद आर्यन के मामले में अब बॉम्बे हाईकोर्ट में गुरुवार दोपहर 2.30 बजे सुनवाई होगी।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) अनिल सिंह कल एक घंटे में जवाब दे देंगें, तो कल ही मैटर खत्म करने की कोशिश करेंगे। बता दें कि आर्यन की बेल एप्लिकेशन 2 बार रिजेक्ट हो चुकी है। वे 8 अक्टूबर से जेल में हैं। आर्यन को 2 अक्टूबर को क्रूज से पकड़ा गया था

हाईकोर्ट में आर्यन के वकील और पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अरेस्ट मेमो दोबारा देखने की गुजारिश की। रोहतगी ने कहा- आर्यन को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया। इस केस की जांच उन्हें जमानत मिलने के बाद भी जारी रह सकती है।

आज सुनवाई की शुरुआत में अरबाज मर्चेंट के वकील अमित देसाई ने भी दलीलें पेश कीं। उन्होंने बिना नोटिस दिए आरोपियों की गिरफ्तारी को गलत बताया, वहीं पंचनामे पर भी सवाल उठाए।

इससे पहले मंगलवार को NCB ने आर्यन की जमानत का यह कहते हुए विरोध किया था कि बाहर आने पर वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। आर्यन के वकील रोहतगी ने NCB की पूरी थ्योरी को खारिज करते हुए उनको बेकसूर बताया है। मंगलवार को ही आर्यन के दोस्त अरबाज मर्चेंट के वकील ने भी अपनी दलीलें अदालत के सामने रखी थीं।मंगलवार को ही NDPS कोर्ट ने इसी मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों मनीष गढ़ियां और अविन साहू को 50,000 रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी थी। दोनों को ड्रग पैडलिंग के आरोप में पकड़ा गया था। मनीष के पास से 2.5 ग्राम ड्रग्स बरामद भी हुई थी। इनकी जमानत के बाद अब आर्यन की जमानत का रास्ता खुलता हुआ नजर आ रहा है।

इसी मामले में मंगलवार को NCB की ओर से दायर लिखित जवाब में कहा गया कि इस केस की जांच के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की जा रही है। शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी गवाहों के साथ मीटिंग कर रही हैं और जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में जमानत मिलने पर आर्यन भी गवाहों को प्रभावित कर सकता है। वह देश छोड़कर भाग भी सकता है।

NCB के मुताबिक, 23 अक्टूबर 2021 को प्रभाकर सैल ने जो कथित हलफनामा दाखिल किया है, उससे यह बात साफ हो गई है कि जांच को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। NCB का कहना है कि मामले पर सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले किसी भी कोर्ट में ऐसा कोई दस्तावेज क्यों नहीं दायर किया गया। इस हलफनामे को गोपनीय रूप से दाखिल किया गया और फिर मीडिया में व्यापक रूप से इसका प्रकाशन और प्रसारण किया गया। जबकि मामला कोर्ट में है।

उधर, आर्यन खान ने भी हलफनामा दायर करके कहा है कि NCB के खिलाफ रिश्वत के आरोपों से उसका कोई लेना-देना नहीं है। हलफनामे में आर्यन ने बताया है कि वह खुद जांच एजेंसी के किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगा रहा है। इस केस के कुछ स्वतंत्र गवाहों की तरफ से जो दावे, बयानबाजी हो रही है, उससे भी उसका कोई वास्ता नहीं है। इसे देखकर साफ है कि आर्यन ने नवाब मलिक या प्रभाकर की तरफ से लगाए आरोपों से पल्ला झाड़ लिया है। प्रभाकर वही शख्स है, जिसने आर्यन केस में 18 करोड़ रुपए में डील होने की बात कही है।

इससे पहले आर्यन की बेल एप्लिकेशन दो बार स्पेशल NDPS कोर्ट और किला कोर्ट से खारिज हो चुकी है। जमानत खारिज करते हुए अदालत ने कहा था, ‘पहली नजर में ऐसा लग रहा है कि आर्यन ड्रग्स से जुड़ी एक्टिविटी में लगातार शामिल था।’

NDPS कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि वॉट्सऐप चैट से भी यही लगता है कि आर्यन ड्रग्स सप्लायर के संपर्क में था। इस मामले में कोर्ट ने अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमीचा की जमानत अर्जियां भी खारिज कर दी थीं।

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