धान खरीदी इस बार 1 दिसंबर से:

छत्तीसगढ़ में धान की सरकारी खरीदी एक दिसम्बर से शुरू होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार देर शाम को इसकी घोषणा की। खरीदी का समय तय करने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक होनी थी। उससे पहले ही मुख्यमंत्री ने धान खरीदी की तारीख का ऐलान कर दिया।

उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के तीन दिन के प्रवास से लौटने के बाद मुख्यमंत्री का धान खरीदी के सवालों से सामना हुआ। भाजपा की ओर से एक नवम्बर से धान खरीदी शुरू करने की मांग के सवाल पर भी मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, एक नवम्बर के समय दिवाली है। लोग त्योहार मनाएंगे या धान बेचने आएंगे। उन्होंने कहा, किसानों के पास पैसों की कमी नहीं होगी। एक नवम्बर को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त जारी हो जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, अभी धान की व्यापक कटाई नहीं हो रही है।

पिछले दिनों हुई मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में इस साल 105 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य तय किया गया था। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया, पिछले साल की तुलना में धान के रकबे में 48 हजार हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। ढाई लाख अधिक किसानों ने पंजीयन भी कराया है। इसके मान से 105 से 107 लाख मीट्रिक टन धान आने की संभावना है। पिछले साल सरकार ने किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था। यह अब तक की सबसे अधिक धान खरीदी थी।

खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में किसानों से समर्थन मूल्य पर सामान्य धान 1940 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाएगा। ग्रेड-ए धान को 1960 रुपए प्रति क्विंटल की दर से लिया जाना है। वहीं मक्का की खरीदी 1870 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर प्रस्तावित है।

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