अयोध्या राममय है। बुधवार को 5वें दीपोत्सव पर आज सरकार अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ेगी। सुबह श्रीराम के अयोध्या आगमन को प्रतीकात्मक रूप में दर्शाते हुए भव्य शोभा यात्रा निकली गई। दोपहर में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण पुष्पक विमान (हेलीकाप्टर) से अयोध्या पहुंचे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हेलीपैड से सभी का स्वागत किया। इसके बाद प्रभु राम को रामकथा पार्क तक रथ से लाया गया। यहां भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ। सीएम योगी ने राम का राजतिलक किया।
इस दौरान सीएम योगी ने कहा, 31 साल पहले अयोध्या में क्या हो रहा था। 30 अक्टूबर और 2 नवंबर 1990 को रामभक्तों पर बर्बर तरीके से गोलियां चलाई गईं थीं। आप देखना कि अगर अगली कारसेवा होगी, तो गोली नहीं चलेगी। रामभक्तों व कृष्णभक्तों पर पुष्पों की वर्षा होगी।
सरयू के किनारे राम की पैड़ी से जुड़े 32 घाट पर करीब 9.51 लाख दीप जले और गिनीज बुक रिकॉर्ड बना। वहीं, पूरी अयोध्या नगरी में मिलाकर 12 लाख दीये जलाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। होलोग्राफिक लाइट की जरिए महर्षि वाल्मीकि की राम की कथा सुनाई गई।
अयोध्या नगरी में भव्य झांकी यात्रा निकाली गई। झांकी में 11 रथ शामिल रहे। रथों पर भगवान राम के जीवन से जुड़े 11 प्रसंग दिखे और कलाकार मंचन करते नजर आए। इस यात्रा को डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। झांकियों की शोभायात्रा साकेत पीजी कॉलेज से निकलकर रामकथा पार्क पहुंची है। झांकी में लोक कला के कई रंग देखने को मिले। नाचते-गाते हुए भक्तों ने प्रभु राम का स्वागत किया। इस झांकी को देखने के लिए तमाम श्रद्धालु भी अयोध्या पहुंचे हैं।
अवध विश्वविद्यालय के टीचर अंकुर तिवारी का कहना है कि 9 लाख दीयों को जलाने के लिए करीब 36 हजार लीटर तेल की आवश्यकता होगी और उतना तेल इन दीयों में डाला जाएगा। करीब 12 हजार वॉलंटियर इस बार दीप जलाने में लगे है। दैनिक भास्कर ने घाट पर मौजूद वॉलंटियर से बातचीत की।
अवध विश्वविद्यालय के छात्र कीर्तिधर द्विवेदी ने बताया कि 20 से 25 समाजसेवी संगठन से जुड़े लोग, 15 महाविद्यालय और मुख्य रूप से अवध विश्वविद्यालय के सभी विभागों के छात्रों और प्रोफेसर्स की ड्यूटी लगाई गई है। बीते साल 8 हजार थे, इस बार 12 हजार वॉलंटियर हैं। 32 पर्यवेक्षकों को घाटों की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे ही 50 वॉलंटियर पर एक समन्यवक प्रत्येक घाट पर रखे गए हैं। दीपक जलाने के लिए रूई के ऊपर कपूर लगाया जाएगा। कीर्तिधर द्विवेदी बताते है कि प्रत्येक घाट पर तैनात एक वॉलंटियर 75 से 100 दीप जलाएगा और एक नया कीर्तिमान बन जाएगा।
राम की पैड़ी पर मिट्टी के दीप सजा दिए गए हैं। बुधवार को प्रत्येक दीप में तेल और बाती लगाई जाएगी। घाट पर अवध विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट के छात्रों ने राम के जीवन से जुड़ी कलाकृतियों को रंगोली से बनाया।5 दिवसीय दीपोत्सव 2021 का मुख्य आयोजन आज है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में पहली बार दीपोत्सव का आयोजन किया था। दीपोत्सव की शुरुआत 51 हजार दीयों से हुई थी। वर्ष 2019 में 4,04,226 मिट्टी के दीयों, वर्ष 2020 में 6,06,569 मिट्टी के दीयों से सरयू के तट पर रिकॉर्ड टूटा था। इस बार सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले ही घोषणा की थी कि अयोध्या में इस बार के दीपोत्सव में 12 लाख मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे।