RBI गवर्नर की राय, क्रिप्टो पर चर्चा की जाए:बोले- क्रिप्टो से मेक्रोइकोनॉमिक और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी की चिंता

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चितांओं के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास का बयान सामने आया है। दास ने मंगलवार को SBI कॉन्क्लेव में कहा, ‘जब RBI ये कहता है कि क्रिप्टोकरेंसी से मेक्रोइकोनॉमिक और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी की चिंताएं हैं, तो इस मुद्दे पर गहन चर्चा की जरूरत है।’

टेरर फंडिंग और अन्य चिंताओं को देखते हुए केंद्र सरकार 29 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा विधेयक भी पेश कर सकती है। वर्तमान में, देश में क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग पर कोई विशेष नियम या प्रतिबंध नहीं है। शनिवार को PM ने क्रिप्टो को लेकर वित्त मंत्रालय, RBI और गृह मंत्रालय के साथ एक बैठक भी की थी।RBI गवर्नर ने कहा कि कोरोना महामारी के वजह से लगाए गए लॉकडाउन के हटने के बाद भारत में लगभग सभी इकोनॉमिक इंडिकेटर रिकवरी की ओर इशारा कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि भारत के पास महामारी के बाद तेजी से बढ़ने का पोटेंशियल है।

बैंकिंग सेक्टर के बारे में बात करते हुए RBI गवर्नर ने कहा, ‘इन्वेस्टमेंट साइकिल तेज होने पर बैंकों को निवेश के लिए तैयार रहना चाहिए।’ दास ने बैंकों से कैपिटल मैनेजमेंट प्रोसेस में सुधार के लिए आग्रह किया। उन्होंने बताया कि RBI कुछ बैंकों के मॉडल पर करीब से नजर रख रहा है। बैंकों के ग्रॉस NPA की जानकारी देते हुए दास ने बताया कि सितंबर 2021 में ग्रॉस NPA जून के लेवल से सुधरा है।लिक्वीडिटी को लेकर दास ने कहा, ‘जैसे बहुत ज्यादा पानी शरीर के लिए अच्छा नहीं है, RBI धीरे-धीरे लिक्वीडिटी को रिबैलेंस कर रही है। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि लिक्विडिटी पर्याप्त मात्रा में हो, लेकिन अधिक नहीं।’दास ने कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत टॉप परफॉर्मर के रूप में उभरा है। उन्होंने ग्लोबल रिकवरी के साथ एक्सपोर्ट के भी सुधरने की उम्मीद जताई है।

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