CG में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर मामूली राहत:कैबिनेट ने पेट्रोल पर 78 पैसे और डीजल पर 1.47 रुपए की कमी की

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को पड़ोसी राज्यों से कम रखने की घोषणा करने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार को वैट में कटौती कर दी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में थोड़ी देर पहले खत्म हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस पर फैसला हुआ। सरकार ने वैट में पेट्रोल पर 1% और डीजल पर 2% की कटौती की है। इसका प्रभाव यह होगा कि प्रदेश में पेट्रोल 78 पैसे और डीजल 1.47 रुपए सस्ता हो जाएगा।

फैसले की जानकारी देते हुए वन, आवास एवं परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा, वैट में इस कटौती से राज्य सरकार को एक हजार करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। पड़ोसी राज्यों से कम कीमत रखने के दावे की ओर जब मंत्री का ध्यान दिलाया गया तो उन्होंने कहा, यह कीमत पड़ोसियों में सबसे कम है। उनको बताया गया कि निकट पड़ोसी उत्तर प्रदेश में पेट्रोल की कीमत रायपुर से 6.63 रुपए कम है। वहीं डीजल की कीमत भी वहां 7.88 रुपए कम है तो वन मंत्री ने कहा, उत्तर प्रदेश हमारा पड़ोसी कहां है। हमने महाराष्ट्र और ओडिशा से ही अपनी तुलना की है। रायपुर में सोमवार को पेट्रोल की कीमत 101.88 रुपए प्रति लीटर रहा। वहीं डीजल 93.86 रुपए प्रति लीटर की दर से बिका। सरकार के इस फैसले के बाद रायपुर में पेट्रोल की कीमत 101.1 रुपए और डीजल की कीमत 92.39 रुपए प्रति लीटर हो जाएगा।

एक्साइज ड्यूटी सहित पेट्रोल का बेस प्राइज 78.22 रुपए प्रति लीटर है। अभी 25% की दर से 19.55 रुपए वैट लगता है। वैट घटकर 24% होने पर 18.77 रुपए का टैक्स लगेगा। यानि 78 पैसा दाम कम होंगे। इसी तरह डीजल का बेस प्राइस 73.54 रुपए है। इसपर 25% की दर से 18.38 रुपए वैट लगता है। इसपर वैट घटकर 23 % हुआ तो टैक्स 16.91 रुपए होगा। यानि उपभोक्ता को केवल 1.47 रुपए की राहत मिलेगी।

बताया जा रहा है, वाणिज्यिक कर विभाग ने पेट्रोल-डीजल पर वैट कटौती का प्रस्ताव दिया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर यह प्रस्ताव सभी पड़ोसी राज्यों में वैट की दर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों के अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया। पड़ोसी राज्यों में उत्तर प्रदेश और झारखंड को छोड़कर सभी राज्यों में पेट्रोल की कीमतें यहां से अधिक हैं। जबकि डीजल के मामले में केवल महाराष्ट्र और आंध्र, तेलंगाना में कीमतें छत्तीसगढ़ से अधिक हैं। लेकिन सरकार राजस्व दबाव की वजह से बड़ी कटौती की हिम्मत नहीं जुटा पाई।कटौती के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे कीमतों में कमी आएगी। पेट्रोल-डीजल की कीमतें पड़ोसी राज्यों की न्यूनतम कीमतों के आसपास हो जाएंगी। इसकी वजह से अंतरराज्यीय परिवहन में लगे वाहन छत्तीसगढ़ में अधिक तेल भराएंगे। वहीं सीमावर्ती जिलों के लोग सस्ते तेल की तलाश में पड़ोसी राज्यों में नहीं जाएंगे। इस तरह तेल की खपत बढ़ने से टैक्स कम करने का साइड इफेक्ट कमजोर होगा।

कैबिनेट ने स्कूलों को पूरी तरह अनलॉक करने का फैसला किया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य के सरकारी और निजी विद्यालयों की कक्षाएं पूर्ण उपस्थिति के साथ संचालित होंगी। स्कूलों को कोरोना नियमों का पालन करना जरूरी होगा। अभी तक 50 % उपस्थिति के साथ कक्षा संचालन की अनुमति थी।समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का के उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति द्वारा प्रस्तुत संशोधनों और नवीन अनुशंसाओं के साथ विगत खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 की धान एवं मक्का उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग नीति को खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में लागू करने का निर्णय लिया गया।शिक्षाकर्मियों को बड़ी राहत देते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षक संवर्ग में पदोन्नति के प्रावधान को शिथिल किया गया है। जिसके तहत प्रधान पाठक प्राथमिक शाला, शिक्षक एवं व्याख्याता के पदों पर पदोन्नति के लिए विभागीय भर्ती नियमों में प्रावधानित 5 वर्ष के अनुभव को एक बार के लिए शिथिल करते हुए 3 वर्ष के अनुभव के आधार पर पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया।

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