हमारी विकास दर दुनिया में सबसे तेज:8.4% हुई विकास दर

देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। हमारी GDP विकास दर 8.4% पहुंच गई है। 2021-22 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के बीच दर्ज की गई ये विकास दर उम्मीद से बेहतर है। यह हमारी अर्थव्यवस्था के कोरोनामुक्त होने का संकेत है, क्योंकि अब यह कोरोना काल से पहले से भी ज्यादा हो गई है। 2019 में अर्थव्यवस्था का आकार 35.61 लाख करोड़ था। अब यह 35.71 लाख करोड़ हो गया है।

विकास की रफ्तार को सेक्टर के हिसाब से देेखें तो सबसे ज्यादा ग्रोथ माइनिंग सेक्टर में हुई है। यहां विकास दर 15.4% पहुंच गई। इसी तरह मैन्युफैक्चरिंग में 5.5%, निर्माण गतिविधियों में 7.5%, एग्रीकल्चर सेक्टर में 4.5% की ग्रोथ रही।

विकास दर की रफ्तार की बात करें तो भारत दुनिया में सबसे तेज रहा है। उसके बाद नंबर तुर्की का है, जिसकी विकास दर 6.9% रही है। अमेरिका और चीन हमसे पीछे हैं। दोनों की विकास दर 4.9% रही है। जापान में ये रफ्तार सिर्फ 1.4% रही है।2020-21 की पहली तिमाही में लॉकडाउन के बाद सबसे ज्यादा असर कंस्ट्रक्शन सेक्टर में पड़ा था। 50.3% गिरावट के साथ ये सेक्टर 1.30 लाख करोड़ तक सिमट गया था। अब इसमें सुधार दर्ज किया गया है। कोविड से पहले के स्तर के मुकाबले अब ये महज 660 करोड़ रुपए पीछे रह गया है।

2020 में अप्रैल से जून के दौरान देश की अर्थव्यवस्था 24.4% की दर से गिरी थी, अक्टूबर से नवंबर के दौरान इसमें 0.4% की बढ़त दिखी थी। 2021 में इसमें सुधार दिखाई दिया। जनवरी से मार्च में GDP 1.6% और अप्रैल से जून में 20.1% की दर से बढ़ी।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा था कि रियल GDP ग्रोथ 7.9% रह सकती है। UBS का मानना था कि भारत की GDP ग्रोथ 8 से 9% के बीच में रह सकती है। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का अनुमान था कि GDP की विकास दर 8.1% रह सकती है। वहीं डच बैंक और बैंक ऑफ अमेरिका का मानना था कि भारत की ग्रोथ रेट 8% रह सकती है। कोटक सिक्योरिटीज ने 7% की ग्रोथ रेट की उम्मीद जताई थी।

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