देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छत्तीसगढ़ को तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया है। दिव्यांग जन दिवस के मौके पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में ये अवॉर्ड प्रदेश को मिले। तीनों ही सम्मान प्रदेश में दिव्यांग लोगों के लिए बेहतर काम करने की वजह से प्रदेश को दिया गया है। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने राष्ट्रपति के हाथों ये पुरस्कार ग्रहण किए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीनों राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए सभी को बधाई देते हुए कहा है कि ये छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है।
प्रदेश को तीन अलग-अलग कैटेगरी में ये सम्मान मिला है। इसमें दिव्यांगों के लिए पढ़ने-लिखने, उनके लिए शहरी माहौल तैयार करने और रोजगार देने जैसी खासियतों की वजह से देश में छत्तीसगढ़ को सबसे बेस्ट के तौर पर चुना गया है। पहला अवॉर्ड बिलासपुर की ब्रेल प्रेस के नाम है। यहां दृष्टिबाधित (ब्लाइंड्स) लोगों को ब्रेल लिपि में पुस्तक, साहित्य, प्रतियोगी परीक्षा के लिए स्टडी मटेरियल, ई-पुस्तकालय में ऑनलाइन रीडिंग के अलावा चुनाव में इस्तेमाल होने वाले मतपत्र तैयार करने के लिए सम्मानित किया गया है।
दूसरा पुरस्कार नवा रायपुर अटल नगर में दिव्यांगजनों के लिए सड़क, भवन, सार्वजनिक स्थल बनाने पर मिला है। यहां दिव्यांग लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर ऐसी जगहों को तैयार किया गया है जहां पहुंचने में उनका इस्तेमाल करने में उन्हें आसानी हो। यहां दिव्यांगजनों के लिए शौचालय वगैरह भी बने हैं।
तीसरा पुरस्कार रायपुर के नुक्कड़ टी कैफे को मिला है। यहां मूक-बधिर (बोलने और सुनने में अक्षम) युवक युवतियों को काम दिया गया है। हर दिन कैफे में आने वाले सैकड़ों लोगों से यही मिलते हैं, उनसे उनकी पसंद की चीजों का ऑर्डर लिखकर लेते हैं। रायपुर में इस तरह का प्रयोग पहली बार किया गया जो कि देशभर में चर्चा में रहा। इस वजह से रोजगार की कैटेगरी में राष्ट्रपति के हाथों में नुक्कड़ टी कैफे की टीम को सम्मानित किया गया।