विदेश से आने वाले लिखवा रहे गलत पते-नंबर:यूपी-बिहार समेत 5 राज्यों में विदेश से आए 586 लोग लापता

दुनिया भर में चिंता का विषय बने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के तीन मरीज अब देश में भी मिल चुके हैं। इसके चलते एक्सपर्ट कह रहे हैं कि इससे देश भर में कोरोना की तीसरी लहर फैल सकती है। इस खतरे को उन लोगों ने और बढ़ा दिया है, जो एट रिस्क कैटेगरी वाले देशों से भारत आए और अब उनका कोई अता-पता नहीं है। अगर ये लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित हुए होंगे तो इस नए वैरिएंट के सुपर स्प्रेडर बन सकते हैं, क्योंकि न तो इनका कोरोना टेस्ट हुआ है और न ही ये कहीं पर क्वारैंटाइन हैं। ऐसे 556 लोगों को अलग-अलग शहरों में तलाशा जा रहा है।

भारत में ओमिक्रॉन के दो मरीज कर्नाटक के बेंगलुरु में, एक गुजरात के जामनगर में और एक मुंबई में मिल चुका है। कुछ और शहरों में ओमिक्रॉन के संदिग्ध मरीज मिले हैं। हालांकि, उनमें इस वैरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है।

10 पॉइंट्स में समझिए देश में कैसे फैल रही कोरोना की दहशत

1. उत्तर प्रदेश के मेरठ में विदेश से 300 लोग लौटे। इनमें से 13 गलत पते और जानकारी देकर लापता हो गए। न्यूज एजेंसी ANI ने बताया कि इनमें से 7 दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे, जहां सबसे पहले ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला था। अब अधिकारी इन लापता लोगों को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं।

2. चंडीगढ़ में दक्षिण अफ्रीका से लौटी एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उस पर भारत आने के बाद क्वारैंटाइन नियमों को तोड़ने का आरोप है। महिला बुधवार को भारत आई थी और उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। उसे एक सप्ताह के लिए होम क्वारैंटाइन रहने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने अगले ही दिन घर लौटने से पहले होटल में चेक-इन करने के लिए आइसोलेशन तोड़ दिया।

3. बेंगलुरु एयरपोर्ट से भी कम से कम 10 यात्री लापता हो गए हैं। ये सभी दक्षिण अफ्रीकी बताए जा रहे हैं। कर्नाटक के राजस्व मंत्री आर. अशोक ने बताया है कि एयरपोर्ट सिक्योरिटी, पुलिस और हेल्थ डिपार्टमेंट उन्हें ट्रैक और टेस्ट करने पर काम कर रहे हैं।

4. इससे पहले 66 साल का एक विदेशी शख्स बेंगलुरु में एक हफ्ते रुकने के बाद दुबई चला गया था। देश में ओमिक्रॉन से संक्रमित मिला यही पहला व्यक्ति था। उसे कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके थे।
एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह पॉजिटिव मिला था। लक्षण होने की वजह से उसे आइसोलेट कर दिया गया था। उसके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे।

एक हफ्ते बाद (नए स्ट्रेन की पहचान होने से पहले) उसने शहर की ही एक प्राइवेट लैब में टेस्ट कराया। इसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद उसने दुबई के लिए उड़ान भरी। उसे ट्रैक करने और उसके संपर्क में आए लोगों को आइसोलेट करने के लिए कोशिश की जा रही है। भारत में ऐसे कुल 264 लोग है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

5. आंध्र प्रदेश में भी इंटरनेशनल फ्लाइट से आए 30 लोग लापता हैं। यहां पिछले 10 दिन में कुल 60 यात्री आए थे। इनमें से तीन दक्षिण अफ्रीका से आए थे। 60 में से 30 यात्री विशाखापट्टनम में रुके हैं और बाकी 30 अलग-अलग जगह चले गए। अब उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इनमें से कई फोन भी नहीं उठा रहे हैं।

6. विदेश से छत्तीसगढ़ के रायपुर आए 16 लोगों की जानकारी प्रशासन को नहीं मिल पा रही है। इनमें से 10 लोगों ने गलत नंबर दिए और 4 से फोन पर कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 27 नवंबर से 2 दिसंबर तक विदेश से रायपुर आने वालों की तादाद 243 है। इसमें अमेरिका और ब्रिटेन से आने वाले भी शामिल हैं। इसके अलावा बिलासपुर में भी 17 नवंबर से अब तक आए 57 में से 15 लोगों को ही तलाशकर टेस्ट कराया जा सका है। इनमें USA से आए दो लोग पॉजिटिव मिले हैं। बाकी 42 की तलाश की जा रही है।7. पटना में गुरुवार रात तक कुल 560 लोग विदेश से वापस आए हैं। इनमें से महज 85 लोगों को ही ट्रेस किया जा सका है। अब तक 55 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 20 की रिपोर्ट का अभी इंतजार है। लापता लोगों में कई के मोबाइल नंबर बंद हैं। उनकी तलाश में स्पेशल टीम लगाई गई है। इस काम में पुलिस की मदद भी ली जा रही है।

8. इस सप्ताह दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ में कोरोना के कम से कम 18 कोविड केस सामने आए हैं। इनमें से कुछ ऐसे मरीज थे, जो भारत के ओमिक्रॉन से जुड़ी गाइडलाइंस लागू होने से पहले आए थे। इनमें से कई लोग एट रिस्क कैटेगरी वाले देशों से लौटे थे।

9. मध्यप्रदेश के जबलपुर में अफ्रीकी देश बोत्सवाना से आई एक महिला लापता हो गई थी। यह महिला 18 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट से एयर इंडिया की फ्लाइट से जबलपुर आई थी। इसके बाद उसका पता नहीं चला। कुछ दिन बाद वह मिलिट्री हॉस्पिटल में मिली। यह महिला बोत्सवाना की आर्मी अफसर है और फॉरेन एक्सचेंज रिसर्च प्रोग्राम के तहत 9 महीने की ट्रेनिंग आई है।

10. दिल्ली एयरपोर्ट के एयर इंडिया और महान एयरलाइंस के स्टेशन मैनेजर को कोविड गाइडलाइंस का पालन न करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने तीन यात्रियों को एयर सुविधा पोर्टल पर सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म और निगेटिव RT-PCR रिपोर्ट अपलोड किए बिना उड़ान भरने की इजाजत दे दी थी।

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