केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को आवंटित 7 लाख 81 हजार 999 मकान बनाने का लक्ष्य वापस क्या लिया, ये मामला छत्तीसगढ़ में चुनावी हो चला। नगरीय निकाय चुनाव में इसका असर भी देखने को मिल रहा है। इसे लेकर अब बीजेपी-कांग्रेस के नेता आपस में ही भिड़ गए। सभी नेता निकाय चुनाव को लेकर कांकेर जिले में एक कार्यक्रम में जुटे थे। इस दौरान दोनों दलों के नेताओं के बीच धक्कामुक्की हो गई। नेताओं ने एक दूसरे को उंगलियां दिखाईं और जमकर नारेबाजी भी की। मामला नरहरपुर नगर पंचायत का है।
नरहरपुर नगर पंचायत में 20 दिसंबर को वोटिंग होनी है। इसे लेकर बुधवार को शहर में एक सार्वजनिक सवाल जवाब कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें कांग्रेस, भाजपा, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, निर्दलीय प्रत्याशियों व उनके समर्थक तथा नेताओं को आमंत्रित किया गया था। नगर विकास के मुद्दे को लेकर सवाल जवाब किए जा रहे थे।
पहले सामने आए सवालों में भाजपा प्रत्याशियों व नेताओं ने कहा भाजपा शासन काल में काफी विकास हुआ। नगर में नाली व सड़कें बनाई गई। निर्माण कार्य कराए गए। लेकिन प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद तीन साल विकास ठप पड़ा हुआ है। इस पर कांग्रेस प्रत्याशी व नेताओं ने जवाब देते हुए कहा कांग्रेस के कार्यकाल में ही सड़कें बनी। तीन साल में नगर में 11 करोड़ के विकास कार्य कराए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भाजपा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पैसा दे रही है, लेकिन कांग्रेस की भूपेश सरकार उसे हितग्राहियों को नहीं देकर गबन कर रही है। कांग्रेसियों ने इसका विरोध कर जवाब देते हुए कहा प्रधानमंत्री ही पैसा नहीं भेज रहे हैं, जिससे मकान बनना बंद हो गए हैं।
इसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। हुटिंग होने लगी और एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। वार्ड क्रमांक 10 के कांग्रेस प्रत्याशी बाबूलाल साहू तथा भाजपा नेता और जनपद उपाध्यक्ष संजू गोपाल साहू एक दूसरे काे उंगली दिखाते हुए धमकाने लगे, जिससे माहौल बिगड़ गया। दोनों पक्षों में धक्कामुक्की शुरू हो गई। पार्टी के सीनियर नेताओं ने मामला किसी तरह से शांत कराया।