मुंबई में ऑक्सीजन बेड पर 2385 मरीज एडमिट, इनमें 96% ने वैक्सीन नहीं लगवाई

मुंबई में ऑक्सीजन बेड पर 2385 मरीज एडमिट, इनमें 96% ने वैक्सीन नहीं लगवाई

मुंबई में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन 20 हजार से ज्यादा संक्रमित मरीज मिले। मरीजों की इतनी बड़ी संख्या के साथ हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले पेशेंट्स का आंकड़ा भी बढ़ा है। शुक्रवार तक शहर में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के 35,645 बेड्स में से 6,531 बेड्स पर पेशेंट्स एडमिट थे। यह कुल बेड्स का 18.3% है।

शुक्रवार को ही 1394 नए पेशेंट भर्ती हुए, इनमें 88 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। इन्हें मिलाकर शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 2385 हो गई है। BMC कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने गुरुवार को कहा कि जो मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, उनमें से 96% ऐसे हैं जिन्होंने वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली है। बाकी 4% मरीजों में ज्यादातर ने वैक्सीन की एक डोज ली है।

इससे पहले भी गुरुवार को ऑक्सीजन बेड पर भर्ती 1900 मरीजों में 4% ही ऐसे थे, जिन्होंने वैक्सीन की एक या दो डोज ली है। ऑक्सीजन बेड पर एडमिट पेशेंट्स में ज्यादातर की उम्र 40 से 50 साल के बीच है।

7 जनवरी को शहर में मौजूद 2638 ICU बेड्स में से 671 पर पेशेंट्स एडमिट थे। इसके अलावा 1407 वेंटीलेटर बेड्स में से 421 पर पेशेंट्स थे। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितनों ने वैक्सीन ली है। BMC के अधिकारी के मुताबिक, पहली और दूसरी लहर में सबसे ज्यादा उन लोगों की मौतें हुईं, जिनमें पहले से कोविड के अलावा कुछ अन्य बीमारियां थी। पिछले 16 दिनों के दौरान शहर में औसतन हर दिन एक मरीज की मौत हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान शहर में 6 मरीजों की मौत हुई है। इसके बाद कुल मौतों का आंकड़ा बढ़कर 16,394 तक पहुंच गया है।

मुंबई में, BMC ने कम से कम एक खुराक के साथ 108% आबादी का टीकाकरण किया है (संख्या 100% से अधिक है क्योंकि इसमें अस्थायी आबादी शामिल है)। मौजूदा समय में मुंबई में 92 लाख ऐसे लोग हैं, जो वैक्सीन के लिए एलिजिबल हैं। BMC के आंकड़ों के मुताबिक, 89% मरीज ऐसे हैं, जिन्हें दो डोज लगाया जा चुका है। 03 जनवरी से अभी तक मुंबई में 15 से 18 साल के 9 लाख बच्चों का हुआ है।BMC कमिश्नर ने कहा कि जल्द ही मुंबई में एक लाख से ज्यादा एक्टिव पेशेंट्स हो सकते हैं। फिलहाल हमारी ऑक्सीजन की रोजाना खपत 10 टन है और हमारी उत्पादन क्षमता 200 टन प्रतिदिन है। हमारे पास 400 टन ऑक्सीजन का अतरिक्त भंडारण है। तीसरी लहर में हमें यह समझना होगा कि लॉकडाउन लगाने का पैमाना पॉजिटिवटी रेट नहीं, बल्कि हॉस्पिटल में एडमिट होने वाले मरीजों की संख्या हो सकती है। हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं। ऑक्सीजन की जरूरत और ICU बेड्स की डिमांड को देखते हुए कोई फैसला लिया जाएगा।

चहल ने कहा कि शहर के 81% कोविड बेड अभी तक खाली हैं और आने वाले दिनों में यह संख्या 50% तक पहुंचने पर स्थिति की समीक्षा की जाएगी। एक इंटरव्यू में चहल ने बताया,’कोविड टास्कफोर्स के हमारे विशेषज्ञों ने मुझे बताया है कि मुंबई में प्रतिदिन 40,000 मामले भी आ सकते हैं। ऐसा हो या न हो, लेकिन नागरिकों के सहयोग को देखते हुए हम इस स्थिति से आराम से बाहर आ जाएंगे।’

एनसीपी प्रमुख शरद पवार संग हुई समीक्षा बैठक के बाद राज्य के हेल्थ मिनिस्टर राजेश टोपे ने कहा कि मुंबई की लोकल ट्रेनों को बंद नहीं किया जाएगा। नाइट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू पर विचार किया जा चुका है। लेकिन इस पर आखिरी फैसला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में लॉकडाउन की भी कोई योजना नहीं है।

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