छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण बेकाबू होते जा रहा है। मंगलवार को 24 घंटे में रिकॉर्ड 5151 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रायपुर में सबसे ज्यादा 1454 लोग संक्रमित पाए गए है। वहीं दुर्ग में 950 पॉजिटिव मिले हैं। वहीं चार मौतें भी हुई है। इनमें 2 रायपुर और 1 बिलासपुर व 1 रायगढ़ में हुई है।
छत्तीसगढ़ में कोरोना की मार का असर अब फ्रंट लाइन वॉरियर्स पर भी पड़ने लगा है। मंगलवार को कोरबा मेडिकल कॉलेज में 3 डॉक्टरों सहित 11 स्टाफ संक्रमित मिला है। इनमें 4 लैब टेक्नीशियन भी शामिल हैं। इसके बाद लैब में जांच बंद हो गई है। वहीं जांजगीर में जिला अस्पताल अधीक्षक और पैथोलाजिस्ट पॉजिटिव हो गए हैं। इनके साथ ही 10 डॉक्टर कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। कोरबा में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जिले में 337 नए केस मिले हैं। इनमें 206 पुरुष और 131 महिलाएं शामिल हैं। भिलाई नगर निगम महापौर नीरज पाल की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आई है। हालांकि वे स्वस्थ हैं। क्वारेंटाइन अवधि के दौरान वह किसी भी जनसंपर्क में आगामी 1 सप्ताह तक भाग नहीं लेंगे। महापौर ने यह भी अपील की है कि उनके संपर्क में जो भी आए हो वह अपने स्वास्थ्य के प्रति महती सावधानी रखें और आवश्यक होने पर अपना कोविड जांच अवश्य करा लें। भिलाई विधायक देवेंद्र यादव भी काेरोना पॉजिटिव पाए गए है।
इधर, प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार ने मंत्रालय में सचिवों और विभागाध्यक्षों यानी संचालकों को वर्क फ्रॉम होम की इजाजत दे दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार कोस नए निर्देश जारी कर भारसाधक सचिवों और विभागाध्यक्षों को वर्क फ्रॉम होम की इजाजत दे दी। इसमें कहा गया है, रोस्टर के मुताबिक जिन कर्मचारियों को ऑफिस नहीं बुलाया गया है, वे भी वर्क फ्रॉम होम कर सकेंगे। ऐसे अधिकारी जिन्हें कोरोना से संबंधित कोई असुविधा है और वे कार्यालय नहीं आ पा रहे हैं उन्हें भी वर्क फ्रॉम होम की इजाजत होगी। अधिकारियों से कहा गया है, कार्यालय में तात्कालिक महत्व की नस्तियों काे अलग कर लें, जिससे समय सीमा के भीतर उनपर कार्यवाही की जा सके। अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा गया है कि वे बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें कार्यालय भी बुलाया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ में ओमिक्रॉन के चार नए मरीज मिले है। ये चारों रायपुर के ही है। इनमें दो दुबई से लौटकर आए थे। दो को वायरस ने यहीं जकड़ लिया। इनमें प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी शामिल हैं। वहीं जांजगीर में भी जिला अस्पताल अधीक्षक और पैथोलॉजिस्ट पॉजिटिव हो गए हैं।वहीं कोरोना संक्रमण की वजह से छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में भी बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। आयोग में द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई के लिए अपीलार्थी, कार्यकर्ता और प्रथम अपीलीय अधिकारी सहित किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं आने की हिदायत है। आयोगअब मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कर रहा है। कलेक्टर बलौदाबाजार सुनील कुमार जैन की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने ट्रूनॉट विधि से आज सुबह कोरोना की जांच कराई। उन्हें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। उन्होंने एहतियातन जांच कराई थी।
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ में भी होम आइसोलेशन की गाइडलाइन बदली है। नए नियमों के मुताबिक हल्के लक्षण और बिना लक्षण वाले पॉजिटिव मरीजों को अब 7 दिन में ही होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज किया जा सकता है। अब तक होम आइसोलेशन की अवधि 14 दिन निर्धारित थी।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक ने सभी जिलाें के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को होम आइसोलेशन के नए निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत बिना लक्षण वाले और हल्के लक्षण वाले मरीजों के लिए सात दिन का होम आइसोलेशन ही काफी है। आइसोलेशन के आखिरी तीन दिनों यानी 5वें, 6वें और 7वें दिन मरीज को बुखार न आए तो डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
डिस्चार्ज करने से पहले किसी कोविड जांच की आवश्यकता नहीं होगी। नए दिशानिर्देशों के मुताबिक बिना लक्षण वाले मरीज उनको कहा गया है, जिनको बुखार और खांसी नहीं है। उनका ऑक्सीजन लेवल भी 93 से अधिक है। कमजोर लक्षण वाले मरीजों की श्रेणी में उनको रखा गया है जिन्हें जुकाम, गले में खराश और बुखार तो है, लेकिन ऑक्सीजन लेवल 93 से कम नहीं हुआ है।जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज ने बढ़े हुए संक्रमण की वजह से MBBS की सैद्धांतिक कक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। अब ये कक्षाएं ऑनलाइन ही संचालित की जाएंगी। क्लिनिकल पोस्टिंग और विश्वविद्यालयीन परीक्षा पूर्व निर्धारित तारीखों पर ही होंगी। मेडिकल कॉलेज डीन ने सोमवार को इसका आदेश जारी किया।
छत्तीसगढ़ में कोरोना की तीसरी लहर की रफ्तार बहुत तेज है। पिछले 10 दिनों में ही मरीजों की रोज मिलने वाली संख्या में 14 गुना का इजाफा हुआ है। एक जनवरी को प्रदेश भर में 279 नए मरीज मिले थे। 10 जनवरी को 4 हजार 120 नए मरीज मिले हैं। वहीं 358 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इनमें से 136 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी दी गई है। वहीं 222 लोगों को होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज किया गया है।
छत्तीसगढ़ में ओमिक्रॉन की दहशत के बीच शुरू हुई कोरोना की तीसरी लहर में पहली बार एक ही दिन में चार मरीजों की मौत हुई है। इसमें दो मरीजों को केवल कोरोना के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। वहीं दो लोगों को कोरोना के अलावा दूसरी गंभीर बीमारियां भी थीं। राजधानी रायपुर में ही तीन लाेगाें की मौत हुई है। बिलासपुर में भी एक मरीज की मौत हो गई है। कोरोना की शुरुआत से अब तक 13 हजार 619 लोगों की जान इस महामारी की वजह से हो चुकी है।सोमवार को प्रदेश भर में 53 हजार 157 लोगों के सैंपल लिए गए। यह जनवरी की शुरुआत की जांच से दो गुनी है। एक जनवरी को 23 हजार 590 लोगों की जांच की गई थी। वहीं दिसंबर के आखिरी सप्ताह में औसतन 20 हजार नमूने रोजाना लिए गए थे। वहीं पिछले एक सप्ताह यानी 3 से 9 जनवरी के बीच 2 लाख 71 हजार 912 कोरोना नमूने लिए जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।