खपत के लिहाज से देश के हालात तेजी से सुधर रहे हैं। साबुन जैसे रोजाना इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स (एफएमसीजी) की मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों की बिक्री इसकी बानगी हैं। बीती दिसंबर तिमाही में एफएमसीजी की बिक्री 19.6% बढ़ी है। पूर्वी राज्यों में एफएमसीजी सेक्टर ने सेल्स में सबसे ज्यादा ग्रोथ देखी है। रिटेल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म बिजोम से मिले आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है।
एफएमसीजी सेक्टर की ग्रोथ में ग्रामीण क्षेत्र की बड़ी हिस्सेदारी रही है। रिटेल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म बिजोम के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर के दौरान बड़े शहरों में एफएमसीजी की बिक्री थोड़ी सुस्त रही। इसकी वजह यह रही कि महामारी में भारी तादाद में ऐसे लोग गांव लौट गए हैं, जिन्होंने रोजगार की तलाश में बड़े शहरों का रुख किया था। बीती तिमाही पूर्वी राज्यों में एफएमसीजी की बिक्री सर्वाधिक 26.6% बढ़ी। पश्चिमी राज्यों में यह आंकड़ा सबसे कम 6.1% रहा।
बिजोम के ग्रोथ एंड इनसाइट चीफ अक्षय डि’सूजा कहते हैं कि पश्चिमी राज्यों में एफएमसीजी की सेल्स ग्रोथ कम रही। कारण यह रहा कि इन राज्यों में अनियमित मानसून से फसल को काफी नुकसान हुआ। इसके अलावा लोगों की आवाजाही भी बाकी राज्यों के मुकाबले कम बढ़ी।
अक्षय डि’सूजा ने बताया कि दिसंबर तिमाही में खाने की डिब्बाबंद वस्तुएं और पैकेज्ड कमोडिटी प्रोडक्ट्स की बिक्री सबसे ज्यादा बढ़ी। इसकी दो बड़ी वजहें रहीं। जोरदार त्योहारी मांग और घर की रसोई से बाहर की चीजों की खपत बढ़ना।