पणजी से टिकट न मिलने से नाराज चल रहे गोवा के पूर्व CM मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल ने BJP छोड़ दी है। मनोहर पर्रिकर भी इसी सीट से चुनाव लड़ा करते थे। गुरुवार को BJP ने विधानसभा चुनाव लिए 34 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की, लेकिन इसमें उत्पल का नाम नहीं था। पार्टी ने यहां से बाबुश मोनसेराटे को टिकट दिया है, जो हमेशा मनोहर पर्रिकर के विरोधी रहे थे।
इसके बाद से ही उत्पल के BJP छोड़ने की अटकलें थीं। शुक्रवार को उन्होंने साफ कर दिया कि वे पणजी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे।भाजपा की लिस्ट जारी होते ही आम आदमी पार्टी ने उत्पल पर्रिकर को अपने टिकट पर पणजी से लड़ने का ऑफर दिया था। अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि गोवा की जनता भाजपा की यूज एंड थ्रो पॉलिसी से दुखी है। पर्रिकर परिवार के साथ भी उन्होंने ऐसा ही किया। मैंने हमेशा मनोहर पर्रिकरजी का सम्मान किया है। अगर उत्पल जी AAP जॉइन करते हैं तो उनका स्वागत है और वे हमारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं।
उत्पल पर्रिकर पहले ही यह बात कह चुके थे कि वे पिता की सीट पणजी से चुनाव लड़ना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्पल को भाजपा ने दो अन्य जगहों से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था, पर उन्होंने इसे ठुकरा दिया। भाजपा की लिस्ट जारी होने के बाद उत्पल ने अपना स्टैंड जल्द क्लियर करने की बात कही थी।
मनोहर पर्रिकर गोवा में BJP के सबसे बड़े नेता हुआ करते थे। वे यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री भी रहे। बाद में मोदी सरकार में उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया। ऐसे में उनके बेटे का चुनाव से पहले पार्टी छोड़ना BJP को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि पार्टी को उनके जाने की उम्मीद नहीं थी।
महाराष्ट्र के पूर्व CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि हमें लगा था कि उत्पल हमारा ऑफर स्वीकार कर लेंगे। भाजपा ने हमेशा ही मनोहर पर्रिकर जी के परिवार को सम्मान दिया है। उम्मीद है कि कोई विद्रोह नहीं होगा।भाजपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने सीटों के ऑप्शन के अलावा उत्पल से यह भी कहा था कि अगर वे चुनाव हारते हैं तो भी उन्हें संगठन में पद दिया जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हमने उनके साथ अगले 5 साल के लिए बड़ी योजना बनाई थी। उन्हें 2027 में बेहतर तरीके से लॉन्च करने की बात कही थी।