छत्तीसगढ़ में कोरोना के ओमिक्रान वैरिएंट का एक और नया केस सामने आया है। रायपुर की एक 17 साल की लड़की के ओमिक्रॉन संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। लड़की की रिपोर्ट तब आई जब उसने क्वारैंटाइन में सात दिन बिता लिए थे। इधर सरकार ने कोरोना के गंभीर मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ एपिडेमिक कंट्रोल के डायरेक्टर डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया, “ओमिक्रान संक्रमण का एक और केस की पुष्टि हुई है। रायपुर के तेलीबांधा इलाके की यह 17 साल की लड़की 28 दिसम्बर को यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) से लौटी थी। उस समय उसकी कोरोना जांच निगेटिव आई थी। सात दिन क्वारैंटाइन रखने के बाद दोबारा टेस्ट हुआ तो वह पॉजिटिव मिली। उसके बाद उसके सैंपल जांच के लिए भुवनेश्वर भेजे गए। अब उसकी रिपोर्ट आई है।’
पिछले सप्ताह एक साथ 13 लोगों की रिपोर्ट आई थी जिनमें उन्हें ओमिक्रॉन पॉजिटिव बताया गया था। उसमें भी दो बच्चे शामिल थे। कोरोना का सबसे पहला मामला बिलासपुर में पांच जनवरी को सामने आया था। संक्रमित व्यक्ति एक महीने पहले दुबई से लौटा था। 10 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सहित 4 लोगों के संक्रमित पाए जाने की रिपोर्ट आई। 16 जनवरी को बिलासपुर में 3 नए केस मिल गए। इनमें से सभी की रिपोर्ट ठीक होने के बाद आई है।
कोरोना की वजह से बढ़ रहे मौत के आंकड़ों को देखते हुए सरकार का ध्यान अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों की ओर गया है। अब कोरोना की वजह से गंभीर रूप से बीमार सभी लोगों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भुवनेश्वर भेजे जाने के निर्देश हुए हैं। डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया, जांच से यह स्पष्ट होगा कि कौन सा वेरिएंट रोगी को अधिक नुकसान पहुंचा रहा है।
गणतंत्र दिवस के दिन कोरोना संक्रमण की दर 15.81% तक पहुंच गई। तीसरी लहर के इन एक महीनों में यह सबसे अधिक है। बुधवार को 3 हजार 318 नए मरीज मिले। वहीं 4 हजार 382 लोगों को डिस्चार्ज किया गया। प्रदेश में अब सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 29 हजार 180 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को कोरोना से 10 मरीजों की मौत दर्ज की है। इनमें से तीन मरीजों को कोरोना के अलावा कोई दूसरी गंभीर बीमारी अथवा स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। सात लोगों की मौत को-मार्बिडिटी की वजह से बताई जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हजार 779 पहुंच गई है।