दुनिया की नंबर वन महिला टेनिस खिलाड़ी एश्ले बार्टी ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। बार्टी 44 साल बाद साल के पहले ग्रैंड स्लैम में एंट्री करने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बन गई है। सेमीफाइनल में बार्टी ने अमेरिका की मैडिसन कीज को सीधे सेटों में हराया। बार्टी ने कीज को 6-1, 6-2 से मात देकर फाइनल का टिकट कटाया।
वहीं, राफेल नडाल ने भी ऑस्ट्रेलिया ओपन के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। क्वार्टर फाइनल में नडाल ने कनाडा के डेनिस शापोवालोव को 6-3, 6-4, 4-6, 3-6, 6-3 से हराया था। सेमीफाइनल में नडाल का सामना इटली के माटेओ बेरेटिनी से होगा।
पिछले साल 2021 में विंबलडन चैंपियन बनी एश्ले बार्टी 1978 के बाद ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई महिला बनने की कोशिश में है। 1978 में आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के लिए यह टूर्नामेंट क्रिस ओ’नील ने जीता था।
सेमीफाइनल मुकाबले में बार्टी पहले ही सेट से मैडिसन के ऊपर दबाव बनाती नजर आई। उन्होंने पहला सेट एकतरफा अंदाज में 6-1 से जीतकर अपने नाम किया। इसके बाद दूसरे सेट में एश्ले बार्टी ने कीस को कोई मौका नहीं दिया और आसानी से मैच जीत लिया।
ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में एश्ले बार्टी का सामना इगा स्वातेक और कॉलिंस के मैच के विजेता से होगा। सेमीफाइनल में मिली शानदार जीत के बाद एश्ले बार्टी ने कहा- मैं खुश हूं कि मुझे यहां अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेलने का मौका मिला। बार्टी ने अमेरिका की जेसिका पेगुला को 6-2, 6-0 से हराकर अंतिम चार में जगह पक्की की थी।राफेल नडाल की बात करें तो वह रिकॉर्ड 21वें ग्रैंड स्लैम टाइटल से सिर्फ दो कदम दूर हैं। सबसए ज्यादा 20 ग्रैंड स्लैम जीतने का रिकॉर्ड नडाल के साथ फेडरर और जोकोविच के नाम है। नडाल एक बार 2009 में ही ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत सके हैं और पिछले 13 में से सात बार क्वार्टर फाइनल में हारे हैं।