बेलारूस की धमकी:

बेलारूस की धमकी:

रूस और यूक्रेन के विवाद में एटमी धमकी की भी एंट्री हो गई है। यह धमकी रूस के सहयोगी देश बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने दी है। लुकाशेंको ने अमेरिका और नाटो का नाम लिए बगैर कहा- अगर हमारे देश पर खतरा मंडराया तो हमें एटमी हथियार इस्तेमाल करने में भी संकोच नहीं होगा। हमारे पास बहुत ताकतवर एटमी हथियार हैं और हम अपनी सरहदों की हिफाजत करना भी जानते हैं।

लुकाशेंको का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब वो शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात करने मॉस्को जा रहे हैं। लुकाशेंको ने कहा- अगर मेरे देश के खिलाफ बेवकूफाना हरकतें हुईं, हमला हुआ तो फिर एटमी हथियारों का विकल्प खुला है। अगर ऐसा नहीं तो हम भी इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

बेलारूस भी सोवियत संघ का ही हिस्सा था। तकनीकि या कहें घोषित तौर पर बेलारूस एटमी ताकत नहीं है। अगले महीने वो संविधान संशोधन करने जा रहा है ताकि देश में एटमी हथियार रखे जा सकें। माना जा रहा है कि लुकाशेंकों रूस के एटमी हथियारों को होस्ट करने की धमकी दे रहे हैं। लुकाशेंको 1994 से सत्ता में हैं।

रूस और यूक्रेन के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजह नाटो फोर्सेस को लेकर है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन नहीं चाहते हैं कि यूक्रेन किसी भी कीमत पर नाटो में शामिल हो। अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंटनी ब्लिंकन के मुताबिक, रूस की इसी चिंता के मद्देनजर यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की देश में जनमत संग्रह कराने पर विचार कर रहे हैं। इस जनमत संग्रह से यह तय होगा कि यूक्रेन नाटो में शामिल होगा या नहीं।एंटनी ब्लिंकन ने बताया- यूक्रेन रूस के साथ तनाव कम करने के लिए शांतिपूर्ण तरीके की तलाश में है। इससे पहले मंगलवार को एंटनी ब्लिंकन ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की थी। तब दोनों के बीच संकट के डिप्लोमैटिक समाधान पर सहमति बनी थी।

रूस और नाटो के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच मॉस्को ने यूक्रेन बॉर्डर से सैनिकों की वापसी का ऐलान किया है। हालांकि, अमेरिका को अभी भी रूस पर भरोसा नहीं है। ब्लिंकन ने ABC न्यूज के इंटरव्यू में कहा- हमें अभी तक रूसी सेना का क्लियर पुल-बैक नहीं दिखाई दिया है। इसके उलट एक बड़ा सैन्य जमावड़ा नजर आ रहा है।

नाटो के महासचिव, जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने भी बताया, रूस अभी भी जिस स्थिति में है वो बिना किसी चेतावनी के यूक्रेन पर हमला कर सकता है। हमें यह भी देखना होगा कि रूसी फोर्सेस वापस लौट रही हैं या सिर्फ सैनिकों को इधर-उधर घुमाया जा रहा है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता, दिमित्री पेसकोव अमेरिकी आशंका को खारिज किया है। पेसकोव का कहना है कि अमेरिका और नाटो ने अभी तक हालात का सही मूल्यांकन नहीं किया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी एक वीडियो जारी करते हुए कहा- रूसी टैंकों, बख्तरबंद वाहन और हॉवित्जर से लदी एक ट्रेन क्रीमिया से निकल गई है, सेना जल्द ही अपने ठिकानों पर वापस आ जाएगी।

रूस की मिलिट्री मूवमेंट पर नजर रखने वाले रिसर्चर रुस्लान लेविएव इन सभी दावों को खारिज किया है। लेविएव का कहना है कि क्रीमिया से हटाए गए रूसी मिलिट्री एक्यूपमेंट्स को फिर से यूक्रेन की पूर्वी बॉर्डर पर तैनात किया जा सकता है।

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