यूक्रेन के हालात के मद्देनजर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑफ सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई। बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि सभी भारतीयों को वतन वापसी कराने के मुद्दे पर चर्चा की गई है। सरकार का पूरा फोकस अपने लोगों को देश लाने की है। उन्होंने कहा कि हम कामना करते हैं कि यूक्रेन में जल्द स्थिति समान्य हो जाए। बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल सहित विदेश और रक्षा मंत्रालय के सीनियर ऑफिसर मौजूद रहे।
रक्षा मंत्री सिंह ने आगे कहा कि विदेश मंत्री एस.जयशंकर की यूक्रेन के विदेश मंत्री से बात हुई है। हम अपने सभी छात्रों को वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक CCS की मीटिंग में UNSC में भारत का कदम, युद्ध की ताजा स्थिति, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, दुनिया के नेताओं की प्रतिक्रिया पर चर्चा हुई है।इससे पहले शनिवार सुबह यूक्रेन विवाद पर यूएन में भारत ने यूक्रेन-रूस से मसले को बातचीत से हल करने को कहा। सुरक्षा परिषद में निंदा प्रस्ताव के दौरान भारत ने कहा कि जान की कीमत किसी चीज से नहीं लगाई जा सकती। दोनों देश बातचीत शुरू करें और समस्या को सुलझाएं। भारत ने इस दौरान वोटिंग का बायकॉट किया।
यूक्रेन में हमले से पहले 23 फरवरी को 242 लोगों को लेकर एअर इंडिया का विमान दिल्ली पहुंचा था। 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया, इसके बाद वहां विमानों की आवाजाही रोक दी गई। शनिवार सुबह एअर इंडिया का एक और विमान रोमानिया के बुडापेस्ट से 219 भारतीयों को लेकर मुंबई के लिए रवाना हुआ है। जंग के बाद यह पहला जत्था होगा जो भारत पहुंचेगा।
केंद्र सरकार ने भारतीयों को वापस लाने के लिए चार और विमान भेजने का निर्णय लिया है। इधर, यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि जब तक भारतीय दूतावास से परमिशन न मिले, लोग घर से बॉर्डर की ओर न निकलें।