यूक्रेन से वापसी का खर्च उठाएगी CG सरकार:मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की घोषणा

यूक्रेन से वापसी का खर्च उठाएगी CG सरकार:मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की घोषणा

यू्क्रेन के विभिन्न शहरों से आ रहे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों की वापसी का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार देर रात इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा, यूक्रेन से अपने निजी खर्चें से छत्तीसगढ़ लौटने वाले छात्रों और नागरिकों के खर्च का वहन छत्तीसगढ़ सरकार करेगी।

मुख्यमंत्री ने यूक्रेन से आ रहे विद्यार्थियों और दूसरे नागरिकों की छत्तीसगढ़ तक आने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अधिकारी दिल्ली और मुंबई हवाई अड्‌डों पर ही इंतजाम करने की तैयारी में हैं। विद्यार्थियों और दूसरे नागरिकों की सकुशल घर वापसी के लिए दिल्ली में छत्तीसगढ़ के नोडल अधिकारी के साथ ही इस कार्य से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को वापसी की यात्रा के लिए आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि पूरा खर्च भारत सरकार उठा रही है। अगर निजी खर्च की स्थिति बनी तो छत्तीसगढ़़ सरकार उसकी व्यवस्था करने की तैयारी में है। सरकार को अभी तक यूक्रेन में मौजूद छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों का आधिकारिक आंकड़ा नहीं मिला है। गैर सरकारी स्रोतों से यह संख्या 150 से कुछ अधिक बताई जा रही है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक दिन पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बात की है। विदेश मंत्री ने उन्हं बताया कि छात्रों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों से निकाल कर हवाई मार्ग से वापस लाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के बच्चे भी आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबकी चिंता है कि बच्चों की जल्द से जल्द वापसी हो।केंद्र सरकार ने यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा शुरू किया है। इसके तहत पोलैंड, हंगरी और रोमानिया के रास्ते हवाई जहाजों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। शनिवार को अलग-अलग उड़ानों से 500 से अधिक लाेगाें को भारत वापस लाया गया। राज्य सरकार को रात तक यह नहीं पता था कि छत्तीसगढ़ के कितने बच्चे बार्डर पार कर सुरक्षित जगहों पर पहुंच गए हैं। शनिवार सुबह कुछ मेडिकल स्टूडेंट्स ने नोडल अधिकारी को बताया था, वे कुछ लोग पोलैंड और रोमानिया के बार्डर चेकपोस्ट पर पहुंच गए हैं, लेकिन भीड़ की वजह से एंट्री नहीं मिल पा रही है। शाम को बताया जा रहा था कि रोमानिया बार्डर चेकपोस्ट पर 8 से 10 हजार लोग इकट्‌ठा हो चुके थे। कुछ तो सुबह 3 बजे वहां पहुंचे थे, लेकिन शाम 7 बजे तक उनको एंट्री नहीं मिल पाई थी।

यूक्रेन में फंसे छत्तीसगढ़ के लोगों की मदद के लिए दिल्ली में तैनात नोडल अधिकारी गणेश मिश्र ने बताया, लोगों के भारत वापस आने के बाद ही पता लगेगा कि उनमें से छत्तीसगढ़ के कौन-कौन लोग हैं। अभी तक विदेश मंत्रालय अथवा दूतावासों से इस तरह की कोई सूची नहीं मिली है। बॉर्डर चेकपोस्ट पर भारी भीड़ है। कई देशों के लोग उन्हीं रास्तों से निकाले जा रहे हैं। ऐसे में तुरंत ऐसी सूची तैयार करना भी मुश्किल है। अभी दूतावासों की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित भारत वापस भेजने में ही है।

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