यूक्रेन में पाकिस्तान-तुर्की को तिरंगे का सहारा:

यूक्रेन में पाकिस्तान-तुर्की को तिरंगे का सहारा:

यूक्रेन और रूस के बीच जंग को सात दिन हो चुके हैं। यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ऑपरेशन गंगा चला रही है। सरकार ने भारतीयों से कहा है कि वे बंकर या हॉस्टल से बाहर निकलते समय अपनी बसों पर तिरंगा झंडा लगाकर रखें, ताकि रूसी सेना उन्हें नुकसान न पहुंचाए।

तिरंगे की इस ताकत का इस्तेमाल अब यूक्रेन में फंसे पाकिस्तान और तुर्की के स्टूडेंट भी कर रहे हैं। वे घर के पर्दों को तिरंगे के रंग में पेंट करके अपनी गाड़ियों में लगा रहे हैं, ताकि रूस की सेना उन्हें बिना नुकसान पहुंचाए यूक्रेन से निकलने दे। इसे भारत के विदेश संबंधों की ताकत बताया जा रहा है।यूक्रेन से घर वापस लौटे लोगों ने एजेंसी को बताया कि वे तिरंगे के सहारे यूक्रेन में सुरक्षित थे। दूसरे देशों के लोग भी तिरंगे की पनाह लेकर सुरक्षित निकलने की कोशिश कर रहे हैं। एक छात्र ने बताया कि हमने वहां सेना के लोगों से बात की, तो उन्होंने कहा कि अगर आप भारतीय हैं तो आपको डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारत और रूस के बीच अच्छे संबंध होने के कारण किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से लौटे तुर्की और पाकिस्तान के छात्रों ने बताया कि जैसे ही हमें पता चला कि भारतीय तिरंगे की मदद से बाहर निकल सकते हैं, तो हमने तुरंत स्प्रे और पर्दे से तिरंगा बनाया। इसके बाद भारतीय राष्ट्रगान गाया और बस के आते ही दो तिरंगे बस के आगे लगा दिए, ताकि हम आसानी से बाहर जा सकें। यह योजना काम कर गई क्योंकि रूसी सेना को लगा कि सभी भारतीय छात्र हैं इसलिए हमें जाने दिया गया।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि आज हमारे तिरंगे की ताकत पूरी दुनिया देख रही है। पाकिस्तान के छात्रों को यूक्रेन में भारतीय तिरंगे ने सहारा दिया है। पाकिस्तान ने तो अपने देश के लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया है। अब नतीजा यह हुआ है कि पाकिस्तान के बच्चों ने खुद को बचाने के लिए यूक्रेन में हमारा तिरंगा फहराया है।कुछ दिन पहले पाकिस्तान के छात्र भारतीयों का सामान चुरा रहे थे और परेशान कर रहे थे, लेकिन अब उन्हीं भारतीयों का तिरंगा उनकी यूक्रेन से वापसी में मदद कर रहा है। करीब 600 छात्रों सहित 2000 से अधिक पाकिस्तानी नागरिक अभी भी कीव और यूक्रेन के अन्य शहरों में फंसे हुए हैं। फिर भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अपने देश के लोगों को निकालने की चुनौती का सामना नहीं कर रहे हैं।

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