इस बार गोबर के गुलाल से होली:दंतेवाड़ा में महिलाओं ने बनाया

इस बार गोबर के गुलाल से होली:दंतेवाड़ा में महिलाओं ने बनाया

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की स्व सहायता समूह की महिलाएं गोबर से गुलाल बना रही हैं। देश में पहली बार गोबर से गुलाला बनाने का यह नया प्रयोग हुआ है। दंतेवाड़ा के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन से फूल , सब्जियों के बाद अब गोबर से हर्बल गुलाल महिलाएं बना रही हैं। इसे गोमय हर्बल गुलाल नाम दिया गया है। रायपुर में फार्मटेक एशिया एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय किसान मेला में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस गोमय गुलाल को लांच भी कर दिया है।अब यह गुलाला इस होली ही CG के अलग-अलग जिलों में भेजा जाएगा। हर्बल गुलाल मुख्यमंत्री निवास से लेकर सभी मंत्रियों, अफसरों और राज्य के अन्य जिलों में भी भेजने की तैयारी की जा रही है। दरअसल छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना पर काम हो रहा है। गोबर से कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, दीये सहित अन्य वस्तुएं बनाई जा रही है। ऐसे में इस बार दंतेवाड़ा के वैज्ञानिकों ने गोबर से हर्बल गुलाल बनाने का न केवल सिर्फ प्रयोग किया बल्कि इस पर काम भी किया। जिसकी तारीफ सीएम ने भी की।KVK के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नारायण साहू ने बताया कि गोमय हर्बल गुलाल प्रसंस्कृत गोमय (गोबर), प्रसंस्कृत वर्मी कम्पोस्ट और प्राकृतिक रंगो के संयोजन से निर्मित किया गया है। यह औषधीय गुणों से भरपूर है। यह एंटी रेडिएशन, एंटी बैक्टेरियल गुणों से युक्त है। यह सुगंधित है और त्वचा को ठंडकता प्रदान करती है। बालों और त्वचा की धुलाई , सफाई करती है। कुलपति डाॅ गिरिश चंदेल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर एवं निदेशक विस्तार सेवाएं डाॅ. आर. के.बाजपेयी के मार्गदर्शन में किया गया है। उन्होंने कहा कि, यह गुलाल पूर्णत इकोफ्रेंडली और हयूमन फ्रेंडली है। यह महिलाओं के आय सृजन हेतु कम लागत में तैयार किया गया है जो गोठानों के शुद्ध कम्पोस्ट से बनाया गया है।

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