दिल्ली NCR में स्कूली बच्चों के कोरोना संक्रमित होने की खबरों के बीच राहत के संकेत मिले हैं। देश की प्रमुख बायोमेडिकल साइंटिस्ट डॉ. गगनदीप कंग ने कहा है कि कोविड से अभी बच्चों को खतरा नहीं है, इसलिए पेरेंट्स ज्यादा परेशान न हों। उन्होंने यह भी कहा कि ओमिक्रॉन का XE वैरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है।ओमिक्रॉन एक ऐसा वायरस है जो श्वास सिस्टम के निचले हिस्से की जगह ऊपरी हिस्से में ज्यादा इफेक्ट डालता है। इसके लक्षण ऊपरी श्वसन पथ के संक्रमण, बुखार, बेचैनी होंगे, जो इतने गंभीर नहीं है, जिसके कारण लोगों की हालत गंभीर हो और उन्हें अस्पताल जाना पड़े।
कोरोना के लक्षणों को लेकर भी भ्रम रहता है। मीडिया में कोरोना की बातों को हाइलाइट तो किया जाता है, लेकिन लक्षणों और खतरों की बात नहीं की जाती है। अभी आ रहे मामलों को चौथी लहर की दस्तक नहीं कह सकते हैं। लेकिन, लोगों को फिर से कोविड संक्रमण के लिए तैयार रहना चाहिए, चाहे वे पहले संक्रमित हो चुके हों या वैक्सीन लगवा चुके हों।डॉ. कंग ने कहा- हमें विभिन्न प्रकार के वायरस के खिलाफ बहुत अच्छी सुरक्षा नहीं मिली है। यह ओमिक्रॉन की लहर ने स्पष्ट कर दिया है। वैक्सीन के दूसरे डोज और बूस्टर डोज के बीच 9 महीने के अंतर का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।