यूक्रेन और रूस के गेहूं का बड़ा इंपोर्टर मिस्र (इजिप्ट) अब भारत से गेहूं खरीदेगा। मिस्र ने भारत को गेहूं सप्लायर के रूप में मंजूरी दे दी है। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, ‘भारत के किसान दुनिया का पेट भर रहे हैं। मिस्र ने भारत को गेहूं सप्लायर के तौर पर मंजूरी दी है। जब दुनिया सतत फूड सप्लाई के भरोसेमंद अल्टरनेट सोर्स की तलाश में है तो मोदी सरकार आगे आई है। हमारे किसानों ने भंडारों को भरा रखा है और हम दुनिया को सर्व करने के लिए तैयार हैं।’
दरअसल, रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल मार्केट में गेहूं की उपलब्धता में भारी गिरावट आई है। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों देश गेहूं के प्रमुख उत्पादक और निर्यातक हैं।
मिस्र ने 2020 में रूस से लगभग 1.8 अरब डालर और यूक्रेन से 610.8 अरब डालर का गेहूं आयात किया। अफ्रीकी देश भारत से 10 लाख टन गेहूं आयात करना चाहता है और उसे अप्रैल में 2,40,000 टन गेहूं की जरूरत होगी।भारत का गेहूं निर्यात मुख्य रूप से पड़ोसी देशों को होता है। 2020-21 में मात्रा और मूल्य दोनों के लिहाज से बांग्लादेश की सबसे बड़ी 54% हिस्सेदारी है। इसके अलावा नेपाल, UAE, श्रीलंका, यमन, अफगानिस्तान, कतर, इंडोनेशिया, ओमान और मलेशिया में भी भारत का गेहूं सप्लाई होता है।