बिलासपुर के सिम्स हॉस्पिटल में तीन घंटे के लिए अलग-अलग वार्डों के मरीजों की देखभाल नर्सिंग स्टूडेंट के भरोसे हो रही है। दरअसल, यहां स्टॉफ नर्स पिछले 14 दिनों से हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि CIMS में 750 बेड में सिर्फ 66 स्टॉफ नर्स हैं। उसमें भी उन्हें एक साथ दो से तीन वार्डों की जिम्मेदारी देकर में काम कराया जाता है। इसके अलावा उन्हें नाइट शिफ्ट और कोविड की भी ड्यूटी करनी पड़ती है। उनकी मांग है कि CIMS में स्टॉफ नर्स के रिक्त पदों पर भर्ती की जाए।
CIMS के स्टाफ नर्स पिछले करीब एक पखवाड़े से रोजाना तीन घंटे हड़ताल कर रही हैं। 30 अप्रैल से रोज सुबह 10 से एक बजे तक स्टॉफ नर्स काम बंद कर धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। दरअसल 750 बेड के सिम्स में वर्तमान में सिर्फ 66 स्टाफ नर्स ही काम कर रही हैं। ऐसे में एक नर्स को दो से तीन वार्ड की जिम्मेदारी दे दी जा रही है। जिससे नर्सों पर काम का बोझ बढ़ गया है। इस अव्यवस्था से मरीजों की देखभाल नहीं हो पा रही है। नर्सों का कहना है कि कई बार मरीजों को तत्कालीन उपचार भी नहीं मिल पाता। वहीं, इतने ही स्टॉफ से नाइट शिफ्ट और कोविड का काम भी लिया जाता है।
स्टॉफ नर्सों ने बताया कि कोविड के दौरान जब समस्या हुई थी, तब CIMS प्रबंधन ने स्टॉफ नर्सों की नई नियुक्ति करने का भरोसा दिलाया था। लेकिन, इसके बाद भी नई भर्ती नहीं की गई। इस बीच स्टॉफ नर्स का प्रमोशन के बाद नर्सों की कमी और काम का दबाव और बढ़ गया है। इसके बाद भी नई भर्ती नहीं की जा रही है। यही वजह है कि उन्हें हड़ताल का रूख अख्तियार करना पड़ा है।