कश्मीर में तीन दिन में चौथा एनकाउंटर:पुलवामा में लश्कर का डिप्टी कमांडर रेहान मारा गया

कश्मीर में तीन दिन में चौथा एनकाउंटर:पुलवामा में लश्कर का डिप्टी कमांडर रेहान मारा गया

कश्मीर के पुलवामा जिले के पाहू इलाके में रविवार को सुरक्षा बलों ने एनकाउंटर में तीन आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों में से एक का नाम आरिफ उर्फ रेहान है। आरिफ लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी कमांडर था। उसने कुछ महीने पहले इंस्पेक्टर परवेज की उस वक्त हत्या कर दी थी, जब वो नमाज पढ़कर मस्जिद से घर लौट रहे थे।

जम्मू-कश्मीर में यह तीन दिन में चौथा एनकाउंटर है। मारे गए बाकी दोनों आतंकी भी लश्कर से जुड़े बताए गए हैं। इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक, रविवार सुबह इस इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया गया। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए। इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया है।

कश्मीर पुलिस के IG विजय कुमार ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकी निशाने पर थे। IGP कश्मीर के मुताबिक- एनकाउंटर में आरिफ हजार उर्फ रेहान मारा गया है। वो लश्कर का डिप्टी कमांडर था। उसने इंस्पेक्टर परवेज की मस्जिद के सामने हत्या की थी। इसके अलावा सब इंस्पेक्टर शाहिद और एक मोबाइल शॉप चलाने वाले को भी उसने ही मारा था। उसके खिलाफ श्रीनगर में 7 केस दर्ज थे।

मारे गए आतंकियों की पहचान हो गई है। इनमें एक का नाम बासित आरिफ अहमद हजार उर्फ रेहान है। वो लश्कर के टॉप कमांडर्स में से एक है। दूसरे आतंकी का नाम अबु हुजैफा उर्फ हक्कानी है और वो पाकिस्तानी है। मारे गए तीसरे आतंकी का नाम नातिश वानी उर्फ हैदर है। वो श्रीनगर के खानयार इलाके का रहने वाला था। मारे गए तीनों आतंकियों के शव एनकाउंटर वाली जगह से बरामद हो चुके हैं। आरिफ 2021 से इस एरिया में एक्टिव था। तीनों आतंकियों ने गैर कश्मीरी मजदूरों पर भी हमले किए थे। इनमें से एक 22 अप्रैल को किया गया था।

प्रधानमंत्री मोदी रविवार को जम्मू में थे। इसके दो दिन पहले बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया था। जम्मू में सुंजवां और चड्ढा आर्मी कैंप के पास सुरक्षाबलों पर आतंकियों ने फायरिंग की थी। इसके बाद शुरू हुए एनकाउंटर में 3 आतंकियों को ढेर कर दिया गया था। CISF के एक ASI एसपी पटेल इस एनकाउंटर में शहीद हो गए थे। इसके अलावा 5 जवान घायल हो गए थे।

इस हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई है। शुक्रवार को NIA टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर कुछ सबूत भी जुटाए थे। 10 फरवरी 2018 में सुंजवां के आर्मी कैंप पर जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन दस्ते ने हमला किया था। इस हमले में 5 जवान शहीद हो गए थे।

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