बेंगलुरु और राजस्थान के बीच सोमवार को खेले गए मुकाबले में RCB को 29 रन से हार मिली। राजस्थान ने बेंगलुरु को 144 रन का टारगेट दिया था, जिसके जवाब में बेंगलुरु ने सिर्फ 115 रन बनाए। RCB के लिए एक बार फिर ग्लेन मैक्सवेल का बल्ला नहीं चला। वह कुलदीप सेन की पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए। RCB की हार के सबसे बड़े दोषी मैक्सवेल ही रहे।मैक्सवेल सिर्फ राजस्थान के खिलाफ ही नहीं, पिछले तीन मुकाबलों से फ्लॉप हो रहे हैं। जब-जब टीम को उनकी जरूरत पड़ती है उनके बल्ले से रन नहीं निकलते। लखनऊ के खिलाफ मैच में मैक्सवेल ने 23, हैदराबाद के खिलाफ 12 और राजस्थान के खिलाफ तो उनका खाता भी नहीं खुला।
मैक्सवेल का पिछला सीजन कमाल का रहा था। उन्होंने RCB के लिए 15 मैच खेले थे और उनके बल्ले से 42.75 के शानदार औसत से 513 रन निकले थे। उनका स्ट्राइक रेट 144.10 का था। उनके इसी शानदार प्रदर्शन को देखते हुए टीम ने उन्हें 11 करोड़ में रिटेन किया था।
ऐसा लग रहा था कि वह टीम के कप्तान भी बनाए जाएंगे, लेकिन मैक्सवेल अपनी शादी के कारण शुरू के कुछ मैचों में टीम के साथ नहीं जुड़ पाए थे। ऐसे में फाफ डुप्लेसिस को ये जिम्मेदारी दी गई।
बेंगलुरु के लगातार मिल रही हार का सबसे बड़ा कारण उनकी टीम के टॉप ऑर्डर का फ्लॉप होना है। विराट कोहली, अनुज रावत, ग्लेन मैक्सवेल के बल्ले से रन नहीं निकल रहे। ऐसे में दिनेश कार्तिक, शाहबाज अहमद जैसे बल्लेबाजों पर प्रेशर आ जाता है। राजस्थान के खिलाफ मैच में तो अनुज रावत को टीम से भी बाहर कर दिया गया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ।
अभी तक इस सीजन में यही देखा गया है कि अगर कार्तिक और शाहबाज का बल्ला चलता है तो RCB को जीत मिलती है नहीं तो हार तय है। बेंगलुरु की 9 मैचों में RR के खिलाफ चौथी हार थी। वहीं, टीम ने 5 मैच जीते हैं। राजस्थान ने मंगलवार को टॉस हारकर बैटिंग करते हुए राजस्थान ने 8 विकेट खोकर 144 रन बनाए थे।
रियान पराग ने सबसे ज्यादा 56 रन की नाबाद पारी खेली थी। RCB के लिए जोश हेजलवुड और मोहम्मद सिराज ने 2-2 विकेट चटकाए, इतने कम स्कोर को भी RCB चेज नहीं कर पाई।