गोरखनाथ मंदिर पर हमले का आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी ISIS का सक्रिय सदस्य है। इस कुख्यात आतंकी संगठन से जुड़ने के लिए उसने देश को तबाह करने की कसम खाई थी। ATS की पूछताछ में मुर्तजा ने खुद इस बात को कबूल किया है। इसका खुलासा शनिवार को ADG कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने किया।
उन्होंने बताया कि मुर्तजा से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का डाटा एनालिसिस किया गया। इसमें मुर्तजा के सोशल मीडिया अकाउंट्स जैसे- Gmail, Twitter, Facebook का भी एनालिसिस किया गया। मुर्तजा के बैंक खातों, ई-वॉलेट के वित्तीय लेन-देन को भी खंगाला गया। ATS की अब तक की गहन विवेचना और तकनीकी एनालिसिस से मुर्तजा के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
प्रशांत कुमार ने बताया कि मुर्तजा Facebook, Twitter और Telegram के माध्यम से ISIS के संपर्क में था। 2014 में बेंगलुरु पुलिस द्वारा गिरफ्तार ISIS Propaganda Activist मेहंदी मसरूर बिस्वास से भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से सम्पर्क में था। वह आतंकी संगठनों से संबंधित जेहादी साहित्य और ऑडियो-वीडियो से पूरी प्रभावित था।ADG ने बताया कि मुर्तजा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर 2013 में अंसार उल तौहीद (आतंकवादी संगठन) की बैयत (शपथ) ली थी। 2014 में अंसार उल तौहीद का ISIS में विलय हो गया था। इसके बाद उसने 2020 में ISIS संगठन की दोबारा बैयत (शपथ) ली। उसने अपने बैंक खातों के माध्यम से लगभग साढ़े आठ लाख रुपए, यूरोप और अमेरिका में ISIS संगठन के समर्थकों के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों के सहयोग के लिए भेजे थे।ADG के मुताबिक, मुर्तजा ISIS की आतंकी विचारधारा के तहत ही गुरिल्ला तरीके से मंदिर के दक्षिणी गेट की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर बांके से हमला किया था। उसने सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों की राइफल को छीनने का प्रयास किया था। उसकी मूल योजना सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनकर बड़ी घटना करने की थी।