मुंबई की भायखला महिला जेल में बंद अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और तलोजा जेल में बंद उनके विधायक पति रवि राणा की जमानत अर्जी पर सोमवार तक के लिए फैसला सुरक्षित कर लिया गया है। अदालत में दोनों पक्षों की दलील पूरी हो गई है। आज कोर्ट नंबर 54 में एक गर्मागर्म बहस हुई और इस दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि राणा दंपती के केस में मसाला जोड़ना के लिए राजद्रोह की धारा लगाई गई है। वहीं सरकारी पक्ष ने इसे जान बूझ कर सरकार गिराने की साजिश करार हुए हुए जमानत का विरोध किया है। सरकार की ओर से प्रदीप घरत और राणा की तरफ से आबाद पोंडा और रिजवान मर्चेंट ने पक्ष रखा है। इससे पहले 29 अप्रैल को हुई सुनवाई में मुंबई पुलिस ने राजद्रोह लगाने को लेकर अपना लिखित जवाब अदालत के सामने दाखिल किया है। अपने जवाब में पुलिस ने राजद्रोह की धारा को उचित बताया और कहा कि उसका बेजा इस्तेमाल नहीं किया गया है।
जमानत का विरोध करते सरकार का पक्ष
- एक टीवी इंटरव्यू का हवाला देते हुए सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रदीप घरत ने कहा-कि राणा दंपित ने खुलेआम सीएम और सरकार को धमकी दी थी। पुलिस ने इसी के आधार पर कार्रवाई की है।
- अगर कोई कहता है कि हनुमान चालीसा का जाप करना उनका अधिकार है, तो वह है। लेकिन हमें यह देखना होगा कि इस पर कानूनी क्या है, जिसके घर के बाहर आप हनुमान चालीसा करना चाहते हैं, उससे आप को अनुमति और सहमति लेनी होती है।
- इनका उद्देश्य ऐसी स्थिति पैदा करना था, जिससे यह सरकार गिर जाए। जब उन्हें धारा 149 का नोटिस दिया गया था, तब वे लोगों को उकसाने के लिए टीवी इंटरव्यू दे रहे थे।
- इस कपल पर कई केस दर्ज हैं। हमने अपने जवाब में भी इन आपराधिक इतिहास का जिक्र किया है।
- विधायक रवि राणा पर पहले 17 और सांसद नवनीत राणा पर 6 मामलों में मामला दर्ज हैं। रवि राणा पर हत्या के प्रयास का भी आरोप है।
- इनकी ओर से कहा जा रहा है कि हनुमान चालीसा एक पवित्र पुस्तक है और अगर इसका जाप किया जाए तो इसमें क्या गलत है? जप करने में कोई बुराई नहीं है। हर कोई अपने धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन यहां पुलिस ने ऐसी जानकारियां इकट्ठी की हैं जो चौकाने वाली हैं।
- आरोपी यह कह रहे थे कि यह सरकार निष्क्रिय है। सरकार के पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता नहीं है। सरकार हनुमान चालीसा का पाठ करने की अनुमति नहीं देती है।
- वे इस बारे में एक जनमत बनाना चाहते थे कि सरकार हिंदू भावनाओं का उपयोग करके हिंदुओं के खिलाफ कैसे काम कर रही है।
- इन्होंने बताया कि शिवसेना पहले हिंदू धर्म का समर्थन कर रही थी। इन्होंने बताने का प्रयास किया कि शिवसेना ने अपनी भूमिका बदल दी है इसलिए सरकार गिर जाएगी। यह यह सरकार को गिराने की चुनौती देने की कोशिश थी।
- नवनीत राणा ने राज्य सरकार को दी चुनौती और इंटरव्यू में कहा कि ‘मातोश्री में चालीसा’ का पाठ करेंगे, देखेंगे कि शिव सैनिक रुक सकते हैं या नहीं।
- एसपीपी घरात ने कहा कि इन पर धारा 153ए के तहत सांप्रदायिक शांति भंग का अपराध भी बनता है। राणा दंपती ने कहा था ‘हम हजारों कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करेंगे।’