छत्तीसगढ़ में श्रमिक सियान योजना की घोषणा:पंजीकृत मजदूरों को मिलेंगे 10 हजार

छत्तीसगढ़ में श्रमिक सियान योजना की घोषणा:पंजीकृत मजदूरों को मिलेंगे 10 हजार

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के दिन छत्तीसगढ़ में श्रमिकों-किसानों के भोजन को सम्मान देने की नई परंपरा डालने की शुरुआत हो गई। रायपुर के बीटीआई मैदान में आयोजित श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्रियों और विधायकों ने मजदूरों के साथ बोरे-बासी खाया। सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री ने श्रमिक सियान योजना की घोषणा भी की। इसके तहत 50 साल से अधिक उम्र के पंजीकृत मजदूर को एकमुश्त 10 हजार रुपए की सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना शुरू की है। उसमें प्रत्येक भूमिहीन मजदूर को सालाना 7 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। यह राशि समान रूप से दो किश्तों में दी जानी है। इसकी पहली किश्त 21 मई को जारी की जाएगी। उस दिन जिलों और ब्लॉकों में भी कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री ने 50 नये अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू करने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा, इसी सत्र में प्रदेश में ऐसे स्कूलों की संख्या 221 हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कुछ नई घोषणाएं भी कीं।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, यह मजदूर दिवस खास हो गया है। मैंने आह्वान किया था बोरे-बासी खाने के लिए। इसके बारे में लोगों से जानकारी जुटाई तो पता चला कि देश-विदेश में भी लोग आज बोरे-बासी खा रहे हैं। बड़े-बड़े होटलों में आज बोरे-बासी परोसा गया है। एक होटल संचालक ने तो बताया कि उन्होंने विदेशी पर्यटक को भी बोरे-बासी परोसा है। आज इस छत्तीसगढ़ी व्यंजन की प्रसिद्धि से वे बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं।श्रमिक सम्मेलन में प्रदेश के कई जिलों से लोगों को बुलाया गया था। आयोजकों ने वहां आए लोगों के भोजन का भी इंतजाम किया था। लेकिन भोजन लेने के बाद लोगों को वह रास नहीं आया। भोजन को खराब बताकर लोग उसे वहीं फेंकने लगे। थोड़ी ही देर में बीटीआई ग्राउंड में जगह-जगह फेंके गए खराब खाने के ढेर दिखने लगे। लोगों को गर्मी से बचाने के लिए बड़े-बड़े कूलर लगाए गए थे, लेकिन उसमें पानी डाला ही नहीं गया था, ऐसे में कूलर से गर्म हवा का थपेड़ा निकल रहा था। इसकी वजह से भी लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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