रूस-यूक्रेन जंग को दो महीने से ज्यादा वक्त हो चुका है। हालांकि, रूस अब तक इसे एक स्पेशल ऑपरेशन ही बताता रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि अब रूस 9 मई को औपचारिक रूप से यूक्रेन के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर सकता है।
रूस हर साल 9 मई को विक्ट्री डे के रूप में मनाता है। सेकेंड वर्ल्ड वॉर के दौरान 1945 में इसी दिन रूस ने हिटलर की नाजी सेना को हराया था। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन इसी दिन यूक्रेन में एक सैन्य कामयाबी हासिल करने के लिए युद्ध का ऐलान कर सकते हैं।
दूसरी तरफ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के विदेश मंत्री पर तंज करते हुए कहा है कि वो सेकेंड वर्ल्ड वॉर के सभी सबक भूल गए हैं। दरअसल, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बीते रोज जेलेंस्की की तुलना जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर से की थी।
लावरोव ने कहा था कि हिटलर और जेलेंस्की दोनों नाजी हैं और उनमें यहूदी खून है। इस बयान पर इजराइल ने भी नाराजगी जताई थी। इजराइली विदेश मंत्री ने इस बयान को अपमानजनक और ऐतिहासिक गलती बताया था।संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी हमले की वजह से 24 फरवरी से अब तक 3,153 यूक्रेनी नागरिक मारे जा चुके हैं, जबकि 3,316 घायल हुए हैं। वहीं, ओडेसा पर रूसी मिसाइल हमले में एक 14 साल के लड़के की मौत हो गई, जबकि एक 17 साल की लड़की घायल हो गई।डेनमार्क और स्वीडन जल्द ही अपनी एम्बेसी यूक्रेन का राजधानी कीव में शिफ्ट कर देंगे। स्वीडिश एम्बेसी अगले बुधवार तक ही लौटने का प्लान कर रही है। वहीं अमेरिकी दूतावास भी मई के आखिर तक कीव लौट सकता है। रूसी हमले की वजह से बहुत से देशों ने कीव में अपने दूतावास बंद कर दिए थे।
हंगरी को यूक्रेन पर रूसी हमले के बारे में पहले से जानकारी थी। यूक्रेनी रक्षा परिषद के सचिव ओलेक्सी डैनिलोव का कहना है कि पुतिन ने हमले की योजना के बारे में हंगेरियन अधिकारियों को बताया था। दूसरी तरफ जर्मनी ने रूसी ऑयल इंपोर्ट के खिलाफ लगाए जाने वाले यूरोपियन यूनियन के प्रतिबंधों का समर्थन करने का फैसला किया है।