रूस-यूक्रेन जंग पिछले 71 दिनों से जारी है। रूस यूक्रेनी शहरों में मिसाइलें दाग रहा है। यूक्रेन ने मारियुपोल के अजोवस्टल स्टील प्लांट से 50 अन्य नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, इसमें 11 बच्चे भी शामिल हैं। यूक्रेन यहां से 500 नागरिकों को पहले ही निकाल चुका है। राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख एंड्री यरमक ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी थी।
यरमक ने कहा, हमने मारियुपोल और अजोवस्टल में फंसे लोगों को निकालने के लिए एक जटिल ऑपरेशन के अगले चरण को अंजाम दिया। यह ऑपरेशन सफल रहा और हम करीब 500 नागरिकों को निकालने में कामयाब रहे।यरमक ने बताया कि इस ऑपरेशन में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने हमारी मदद की है। इसके लिए हम UN के तहे दिल से आभारी हैं। बता दें कि पिछले महीने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के बीच बातचीत में मारियुपोल में फंसे लोगों को निकालने पर चर्चा हुई थी।
रूस में व्लादिमिर पुतिन सरकार के खिलाफ वाले पत्रकार पर जुर्माना लगाया गया है। इस रूसी पत्रकार का नाम इल्या अरजर (ilya azar) है, जिस पर सेना की आलोचना करने के आरोप में 1,00,000 रूबल का जुर्माना लगाया है। पत्रकार पर आरोप है कि उसने रूसी सेना की आलोचना कर रूसी संघ के हितों को नुकसान पहुंचाया और अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने में अपने नागरिकों के हितों का उल्लंघन किया है।इसी बीच भारत ने यूक्रेन में बिगड़ते हालात को लेकर चिंता जताई है। भारत ने दोनों देशों से हिंसा को तुरंत बंद कर शत्रुता खत्म करने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर प्रतीक माथुर ने कहा, यूक्रेन में स्थिति बिगड़ रही है, यह चिंता का विषय है। हमारा मानना है कि खून बहाकर और मासूमों की जान की कीमत पर इस मसले का कोई समाधान नहीं हो सकता। जंग शुरू होते ही भारत ने दोनों देशों से यह अपील की थी।