भूपेश बघेल बोले-भाजपा को केवल वोट के लिए याद आते हैं राम

भूपेश बघेल बोले-भाजपा को केवल वोट के लिए याद आते हैं राम

छत्तीसगढ़ के शहरों में कृष्ण कुंज विकसित किए जाने को लेकर भाजपा के कमेंट के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हिंदुत्व की राजनीति पर खरी-खरी सुनाई है। CM ने कहा, भाजपा को भगवान राम में कोई आस्था नहीं है। उनको राम की याद केवल वोट के लिए आती है। यहां राम, कृष्ण और शिव संस्कृति और परंपरा में रचे-बसे हुए हैं। उनकी पूजा भाजपा वालों ने नहीं सिखाया है। ये लोग यहां इसलिए बौखलाए हुए हैं क्योंकि इनकी जमीन खिसक चुकी है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को कलेक्टरों को निर्देश दिया था कि शहरों में एक एकड़ जमीन पर कृष्ण कुंज विकसित किया जाए। इसमें सांस्कृतिक-धार्मिक महत्व के पौधे लगाने की तैयारी थी। मुख्यमंत्री का कहना था, इसमें पौध रोपण की शुरुआत आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से हो जाए। उसके बाद भाजपा नेताओं ने कहना शुरू कर दिया कि 2023 के चुनाव में हार सामने देखकर कांग्रेस को भगवान राम-कृष्ण याद आने लगे हैं। वह हिंदुत्व की राजनीति पर उतर आई है।

मंगलवार को रायपुर पुलिस लाइन हेलिपैड पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, अगर शहर में बहुत सारे पेड़-पौधे लगाते हैं। उनमें जंगलों के हर्रा-बहेड़ा, कौहा जैसे पेड़ हों अथवा पीपल, बरगद जैसे गांव में दिखने वाले पेड़ अगर शहर के एक-दो एकड़ जमीन पर लगा दें और उसका नाम कृष्ण कुंज रख दें तो इसमें तकलीफ क्या है। मुख्यमंत्री ने कहा, ये लोग तो वोट के लिए भगवान को मानते हैं, वरना इनकी आस्था नहीं है उनमें।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, ये जब चुनाव आता है तभी जय श्रीराम बोलते हैं, बाकी समय इनको भगवान याद नहीं आता। अयोध्या मामले में भी देख लें। इनका संगठन 1925 में बना है। 1980 तक ये लोग क्या कर रहे थे। तब उनको राम की याद नहीं आई। वह तो देखा कि इससे वोट मिल सकता है। तब ये लोग कूदे वहां। नहीं तो अयोध्या मंदिर का केस तो आजादी के पहले से चल रहा था। तब तो चुप थे। आज इनकी जमीन खिसक गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा, 15 साल यहां भाजपा की सरकार रही। इन लोगों ने राम वन गमन पर्यटन परिपथ क्यों नहीं बनाया। हम बना रहे हैं, लेकिन उसके नाम पर वोट नहीं मांग रहे हैं। यह हमारी संस्कृति है। मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी संस्कृति में राम बसे हुए हैं। गांव-गांव में हमारे गोपालक हैं। यादव समाज के लोग हैं। कृष्ण को कब से मानते आ रहे हैं। दीपावली पर सारा दोहा उन्हीं के नाम पर बना हुआ है। साहू समाज के लोग भक्त माता कर्मा के साथ भगवान कृष्ण की पूजा कर रहे हैं। राम हैं, कृष्ण हैं, शिव हैं ये सब हमारे जन-जीवन में रचे-बसे हैं। इनकी पूजा आज से कर रहे हैं क्या। इस चीज को भाजपा ने सिखाया है क्या। यह परंपरा तो हजारों साल से चली आ रही है।

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