राजस्थान रॉयल्स vs दिल्ली कैपिटल्स

राजस्थान रॉयल्स vs दिल्ली कैपिटल्स

IPL 15 में राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए 58वें मैच का विलेन संजू सैमसन को माना जा सकता है। कप्तान संजू का टॉप ऑर्डर में ना खेलना राजस्थान के लिए हानिकारक साबित हुआ। इसके अलावा बैटिंग ऑर्डर में बदलाव भी टीम के खिलाफ गया।

परिणाम हुआ कि राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20-30 रन कम बनाए। एक अच्छी बैटिंग विकेट पर यह अंतर बाद में निर्णायक साबित हुआ।

मुकाबले की शुरुआत से ही ऐसा लगा कि राजस्थान पूरे दमखम के साथ जीत की कोशिश नहीं कर रही है। बैटिंग ऑर्डर से छेड़छाड़ करना टीम को भारी पड़ गया। कैरेबियाई हार्ड हिटर शिमरोन हेटमायर के देश लौटने के बाद उम्मीद थी कि संजू सैमसन टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करेंगे। ऐसा करके वह टीम को हेटमायर की कमी महसूस नहीं होने देंगे।

इसकी बजाय उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को फर्स्ट डाउन बल्लेबाजी करने भेज दिया। जिस खिलाड़ी ने मैच से पहले कभी टी-20 क्रिकेट में 50 तक ना लगाई हो, उसे ऐसे महत्वपूर्ण मुकाबले में प्रमोट करना समझ से परे है। बाद में अश्विन ने जरूर 38 गेंदों पर 50 रन बनाए, लेकिन शुरुआत में उन्होंने काफी गेंदे जाया कर दीं।

इस दौरान संजू पैड पहनकर मैच देखते रहे। जोस बटलर के बाद के बाद टीम के सबसे बड़े मैच विनर संजू का 5वें नंबर पर खेलने आना किसी भी लिहाज से बेहतर रणनीति नहीं कही जा सकती है। फिनिशर के रोल में भी संजू 4 गेंदों पर 6 रन बनाकर चलते बने।

अगर किसी टीम को बड़ा टारगेट सेट करना होता है तो वह पावरप्ले में तेजी से रन बनाने को प्राथमिकता देती है। देवदत्त पडिक्कल बतौर ओपनर IPL में काफी सफल रहे हैं। यशस्वी की जगह उन्हें ओपनिंग के लिए भेजा गया होता तो पावर प्ले में काफी रन बन सकते थे। पडिक्कल ने 160 की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 30 गेंद पर 48 रनों की आतिशी पारी खेली।

वह शुरुआत से चीज पर मौजूद होते तो टीम को तेज शुरुआत मिल सकती थी। टीम के बैटिंग ऑर्डर में अनावश्यक बदलाव करने की बजाय अगर सभी खिलाड़ियों को उनके लिए निर्धारित क्रम पर खेलने भेजा गया होता तो राजस्थान के लिए हालात बेहतर हो सकते थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *