यदि आप अपने सपनों का घर, दुकान या अन्य कोई निर्माण करने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। दुर्ग कलेक्टर डॉ. एसएन भुरे ने मकान बनाने की अनुमति से जुड़ी एक बड़ी अह्रता को समाप्त कर दिया है। अब मकान बनाने के लिए नजूल कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की कोई जरूरत नहीं है। सीधे निगम कार्यालय भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र लीजिए और मकान बनाना शुरू कर दीजिए। यह आदेश दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में लागू नहीं होगा।दुर्ग कलेक्टर ने इस संबंध में 18 मई को आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि दुर्ग नगर पालिका निगम क्षेत्र को छोड़कर अन्य नगरी निकाय क्षेत्रों में नजूल सीटें उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण जिले के नागरिकों के आम हित को देखते हुए दुर्ग नगर पालिका निगम क्षेत्र को छोड़कर, जिले के अन्य नगरी निकाय क्षेत्रों के लिए भवन निर्माण करने से पहले नजूल अनापत्ति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब इन नगरी निकायों में भवन निर्माण के लिए नजूल अधिकारी के समक्ष विहित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही अब राजस्व निरीक्षक द्वारा स्थल की जांच भी नहीं की जाएगी।
कलेक्टर दुर्ग के इस आदेश से जिले की जनता को काफी बड़ा लाभ मिलेगा। अब लोगों को नजूल से एनओसी और राजस्व अधिकारियों से स्थल निरीक्षण के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। निगम की भवन अनुज्ञा शाखा से अनुमति लेकर सीधे भवन का निर्माण कर सकेंगे। इस निर्णय के बाद से अब जिले में भवन निर्माण की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।जानकारी के मुताबिक दुर्ग जिले में नजूल की जमीन केवल दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में ही बची है। इसलिए यह आदेश दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में लागू नहीं होगा। इसके अलावा जिले में नगर पालिक निगम भिलाई, भिलाई तीन चरोदा और रिसाली सहित नगर पालिका रिसाली, कुम्हारी, जामुल, अहिरवारा और पाटन आदि क्षेत्र में लागू किया जाएगा।