यूक्रेन पर हमले के बाद से पश्चिमी देश और रूस आमने-सामने है। एक तरफ पश्चिमी देशों ने यूक्रेन का दौरा करके अपना समर्थन जताया है। तो दूसरी ओर अब रूस ने अमेरिका के बाद फ्रांस और जर्मनी को धमकी दी है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन कहा- फ्रांस और जर्मनी अमेरिका की तरह यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई करके गलती कर रहे हैं। अगर उन्होंने ये सप्लाई बंद नहीं की, तो अंजाम बुरा होगा। उनकी दखलअंदाजी से यूक्रेन में हालात और खराब हो सकते है।
रूसी मीडिया के जाने-माने एंकर ओल्गा स्केबेयेवा ने अमेरिका को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने यूक्रेन को लंबी दूरी के रॉकेट या तोप भेजे तो ऐसा करके वह रेड लाइन क्रॉस करे देगा। इससे काफी गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन अगले हफ्ते यूक्रेन को हथियारों की एक और शिपमेंट भेजने की घोषणा कर सकते हैं। इस शिपमेंट में कई लॉन्ग रेंज मिसाइल और आर्टिलरी भेजी जाएगी।
रूस ने केंद्रीय यूक्रेनी शहर निप्रो के एक सैन्य ठिकाने पर जबर्दस्त हमला किया। हमले में करीब 12 लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हुए। जंग की शुरूआत से अब तक निप्रो रूस के हमले से बचा हुआ था। लोग पूर्वी शहर से भागकर वहां पर शरण ले रहे थे।
इसके अलावा नेशनल गार्ड के क्षेत्रीय हेड ग्रैंडी कोरबन ने मीडिया का बताया कि इस्कंदर मिसाइल से एक नेशनल गार्ड ट्रेनिंग सेंटर पर हमला किया गया। इसमें करीब 10 लोगों की मौत हुई है और 25-30 लोग घायल हुए हैं।यूक्रेन के अधिकारियों ने शुक्रवार जानकारी दी कि पूर्वी यूक्रेन में रूसी सेना ने रेलवे हब शहर Lyman पर कब्जा कर लिया और सिविएरोडोनेट्सक (Severodonetsk) शहर के ज्यादा हिस्से को घेर लिया, साथ ही बताया कि कीव की सेना हफ्तेभर से मास्को के हमले का सामना कर रही थी।
यूक्रेन ने कहा कि उसके बलों ने अभी भी पूर्वी डोनबास क्षेत्र में डिफेंसिव लाइन रखी हैं, इसके बावजूद दो प्रमुख मोर्चों पर रूसी सेना ने हाल के दिनों के अपनी ताकत दिखाई है और हमले लगातार बढ़ा दिए हैं।